ईरान ने खाड़ी देशों के तेल ठिकानों पर किया बड़ा हमला, कतर और कुवैत में भारी नुकसान, हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद
ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध ने अब पूरे खाड़ी क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है। ईरान ने कतर और कुवैत के महत्वपूर्ण ऊर्जा ठिकानों पर भीषण ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। इस तनाव के बीच ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को भी लगभग बंद कर दिया है, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा संकट का डर पैदा हो गया है। समुद्री रास्ते से होने वाला व्यापार 95 प्रतिशत तक गिर गया है।
कतर और कुवैत में हुए हमलों से जुड़ी बड़ी जानकारी
- ईरान ने कतर के Ras Laffan टर्मिनल और कुवैत की Mina Al-Ahmadi रिफाइनरी पर हमला किया है।
- इन हमलों के कारण कतर को सालाना करीब 20 अरब डॉलर के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है।
- खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी चिंताजनक है क्योंकि वे बड़ी संख्या में इन तेल और गैस कंपनियों में काम करते हैं।
- ईरान के नए सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने और अमेरिकी ठिकानों पर हमले जारी रखने की बात कही है।
- कतर ने विरोध स्वरूप ईरानी राजनयिकों को अपने देश से बाहर निकाल दिया है।
अमेरिका और इजरायल की जवाबी कार्रवाई
इजरायल ने 20 मार्च को ईरान की राजधानी तेहरान पर कई हवाई हमले किए और पहली बार कैस्पियन सागर में ईरानी नौसेना के ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के 7,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर कतर के LNG ठिकानों पर हमले नहीं रुके, तो अमेरिका ईरान के पूरे South Pars गैस फील्ड को उड़ा देगा। अमेरिका अब हॉर्मुज के रास्ते को दोबारा खोलने के लिए अपने A-10 Thunderbolt विमानों और अपाचे हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल कर रहा है।
दुनिया पर क्या होगा इसका असर?
| प्रभावित क्षेत्र | प्रभाव का विवरण |
|---|---|
| समुद्री यातायात | हॉर्मुज मार्ग से जहाजों का आना-जाना 95% तक कम हुआ। |
| तेल की कीमतें | वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। |
| सुरक्षा शुल्क | ईरान जहाजों से गुजरने के लिए अब नया ‘सुरक्षा टैक्स’ वसूलने की तैयारी में है। |
| प्रवासी सुरक्षा | खाड़ी में काम करने वाले भारतीयों के लिए रोजगार और सुरक्षा का संकट बढ़ा। |




