मिस्र ने कुवैत और UAE के खिलाफ आतंकी साजिश की कड़ी निंदा की, सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान जारी
कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सुरक्षा को निशाना बनाने वाली हालिया साजिशों के बाद मिस्र ने अपना कड़ा रुख साफ कर दिया है। मिस्र की सरकार ने इन देशों की स्थिरता को बिगाड़ने वाली आतंकी और विध्वंसक कोशिशों की कड़ी आलोचना की है। कुवैत में पकड़े गए आतंकी सेल और UAE पर हुए हवाई हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ा है, जिसके बाद मिस्र ने खाड़ी देशों के साथ अपनी एकजुटता दोहराई है।
कुवैत और UAE में क्या हुआ?
कुवैत के गृह मंत्रालय ने जानकारी साझा की है कि उनकी सुरक्षा सेवाओं ने महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने वाली एक बड़ी आतंकी साजिश को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। इस अभियान के दौरान हिजबुल्लाह संगठन से जुड़े 10 कुवैती नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। दूसरी ओर, संयुक्त अरब अमीरात ने भी एक संदिग्ध नेटवर्क को ध्वस्त करने की घोषणा की है जिसे ईरान और हिजबुल्लाह का समर्थन प्राप्त होने का संदेह है। UAE की वायु सेना ने ईरान की ओर से दागे गए चार बैलिस्टिक मिसाइलों और 26 ड्रोन को भी बीच हवा में मार गिराया है।
सुरक्षा स्थिति पर मुख्य आंकड़े और जानकारी
- मिस्र के विदेश मंत्रालय ने तेल और गैस ठिकानों पर किसी भी हमले का पुरजोर विरोध किया है।
- कुवैत में पकड़े गए आरोपियों ने विदेश में ड्रोन और आधुनिक हथियारों की ट्रेनिंग ली थी।
- सऊदी अरब, कतर और पाकिस्तान जैसे देशों ने भी इन हमलों और साजिशों पर अपनी चिंता जताई है।
- रियाद में हुई बैठक के बाद अरब देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सम्मान की अपील की है।
| देश का नाम | हालिया कार्रवाई | मुख्य खतरा |
|---|---|---|
| कुवैत | 10 नागरिकों की गिरफ्तारी | महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमला |
| UAE | मिसाइल और ड्रोन को मार गिराया | हवाई हमले और संदिग्ध नेटवर्क |
| मिस्र | राजनीतिक और सुरक्षा समर्थन | क्षेत्रीय अस्थिरता |
इन घटनाओं का असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ सकता है क्योंकि सुरक्षा नियमों को और कड़ा किया जा रहा है। अधिकारियों ने सभी से सतर्क रहने और स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। मिस्र और पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं ने भी इस मामले पर बातचीत की है और क्षेत्र में शांति बहाली के लिए राजनयिक प्रयासों को जारी रखने पर सहमति जताई है।




