ईरान के विदेश मंत्री का बड़ा ऐलान, पड़ोसी देशों से दुश्मनी नहीं, केवल अमेरिकी ठिकानों पर होगा एक्शन
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने क्षेत्र के देशों के साथ अपने रिश्तों को लेकर एक अहम बयान दिया है। 25 मार्च 2026 को जारी इस बयान में उन्होंने कहा कि ईरान की अपने पड़ोसी देशों के साथ कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया कि उनकी सैन्य कार्रवाई केवल उन अमेरिकी ठिकानों और अड्डों तक सीमित है जिनका उपयोग ईरान के खिलाफ हमले करने के लिए किया जाता है। ईरान ने साफ किया है कि वह अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध चाहता है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री रास्तों के लिए नया प्लान क्या है?
ईरान ने क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए हैं जो इस प्रकार हैं:
- ईरान ने एक ऐसे क्षेत्रीय सुरक्षा संघ की मांग की है जिसमें अमेरिका और इज़राइल का दखल न हो।
- विदेश मंत्री ने कहा कि बाहरी ताकतों को हजारों किलोमीटर दूर से आकर हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है।
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से उन जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिलेगा जो दुश्मन देशों से संबंधित नहीं हैं।
- अमेरिका और इज़राइल से जुड़े जहाजों के लिए यह सुरक्षित गलियारा उपलब्ध नहीं होगा।
- ईरान का कहना है कि उनकी कूटनीति अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांत पर आधारित है।
शांति वार्ता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या चल रहा है?
क्षेत्र में जारी तनाव के बीच राजनयिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। ईरान ने हाल ही में मिस्र और चीन के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात की है। चीन ने ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा का समर्थन किया है। हालांकि, ईरान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया है और अपनी खुद की शर्तें सामने रखी हैं। ईरान चाहता है कि युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने के लिए उसे हर्जाना दिया जाए और उसकी संप्रभुता का सम्मान किया जाए। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र में खाड़ी देशों ने ईरान की सैन्य गतिविधियों पर चिंता जताई है और इसे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा माना है।




