Kuwait Government New Law: कुवैत में आतंकी साजिश के बाद सरकार का बड़ा फैसला, सुरक्षा के लिए बनेंगे विशेष कोर्ट और सख्त होगी कार्रवाई
कुवैत की कैबिनेट ने देश में एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा की समीक्षा की है। सरकार ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि देश की शांति और सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। 25 मार्च 2026 को हुई कैबिनेट मीटिंग में गृह मंत्री Sheikh Fahad Yousef Saud Al-Sabah ने इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी साझा की जिसमें महत्वपूर्ण ठिकानों को बचाने में कामयाबी मिली।
कुवैत सरकार ने सुरक्षा को लेकर क्या नए कदम उठाए हैं?
आतंकी साजिश के सामने आने के बाद कुवैत सरकार ने सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने का फैसला लिया है। कैबिनेट ने एक विशेष आपराधिक अदालत बनाने के लिए ड्राफ्ट कानून को मंजूरी दी है। यह अदालत विशेष रूप से राज्य की सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई करेगी। इस कानून को अब अंतिम मंजूरी के लिए Emir Sheikh Mishal Al-Ahmad Al-Jaber Al-Sabah के पास भेजा गया है।
गृह मंत्री ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियां उन सभी लोगों से सख्ती से निपटेंगी जो आतंकी संगठनों के साथ सहयोग कर रहे हैं। कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और नागरिकों को सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में सार्वजनिक स्थानों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा जांच और कड़ी की जा सकती है।
पकड़े गए आतंकी सेल और साजिश की मुख्य बातें
जांच में यह सामने आया है कि इस साजिश के पीछे Hezbollah से जुड़ा एक प्रतिबंधित आतंकी समूह था। पकड़े गए लोगों ने जासूसी करने और देश के बड़े नेताओं को निशाना बनाने की ट्रेनिंग लेने की बात स्वीकार की है। इस मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है और कुछ लोग देश छोड़कर भागने में सफल रहे हैं जिनकी तलाश की जा रही है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| गिरफ्तार सदस्य | 6 लोग (5 कुवैती नागरिक शामिल) |
| फरार संदिग्ध | 14 सदस्य (कुवैती, लेबनानी और ईरानी नागरिक) |
| प्रमुख आरोप | जासूसी और हत्या की साजिश की ट्रेनिंग |
| संगठन का नाम | Hezbollah से जुड़ा सेल |
| क्षेत्रीय सहयोग | UAE, सऊदी और अन्य खाड़ी देशों का साझा बयान जारी |
खाड़ी देशों ने मिलकर जारी की चेतावनी
इस घटना के बाद कुवैत के साथ-साथ UAE, सऊदी अरब, कतर, बहरीन और जॉर्डन ने भी एक साझा बयान जारी किया है। इन सभी देशों ने ईरान समर्थित स्लीपर सेल्स और उनकी गतिविधियों की निंदा की है। खाड़ी देशों ने संकल्प लिया है कि वे क्षेत्र की स्थिरता को बिगाड़ने वाली किसी भी कोशिश को कामयाब नहीं होने देंगे। कुवैत के आंतरिक मंत्रालय ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि इस साजिश में शामिल सभी लोगों को कानून के तहत अधिकतम सजा दी जाएगी।




