UAE Govt New Decision: शेख मोहम्मद ने नई रणनीतियों को दी मंजूरी, कहा- और मजबूत बनकर उभरेगा संयुक्त अरब अमीरात
दुबई के शासक और यूएई के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तूम की अध्यक्षता में रविवार 29 मार्च 2026 को कैबिनेट की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में देश की सुरक्षा और तरक्की को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए। शेख मोहम्मद ने भरोसा जताया कि यूएई आने वाले समय में और भी ताकतवर होकर उभरेगा। बैठक में अंतरिक्ष क्षेत्र से लेकर अंतरराष्ट्रीय समझौतों तक कई नई योजनाओं को हरी झंडी दिखाई गई है ताकि देश की स्थिति वैश्विक स्तर पर और मजबूत हो सके।
यूएई कैबिनेट की बैठक में किन मुख्य योजनाओं को मंजूरी मिली?
कैबिनेट ने अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए 5 साल की नई रणनीति अपनाई है। यूएई का स्पेस सेक्टर अब 44 अरब दिरहम से ज्यादा का हो चुका है जिसमें 170 से ज्यादा संस्थान शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य अगले 5 सालों में दुनिया के टॉप 10 देशों में बने रहना है और आने वाले समय में शुक्र ग्रह और एस्टेरॉयड बेल्ट के लिए मिशन भेजने की योजना है। इसके साथ ही 120 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय समझौतों को मंजूरी दी गई है जो ऊर्जा, निवेश और कूटनीति जैसे क्षेत्रों में यूएई के रिश्तों को दूसरे देशों के साथ बेहतर बनाएंगे।
सुरक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्या बड़े बदलाव होंगे?
देश की सुरक्षा और सेहत को लेकर भी कई अहम कदम उठाए गए हैं। बैठक में इंटीग्रेटिव मेडिसिन की नई नेशनल स्ट्रेटजी को मंजूरी मिली जिसमें इलाज के पारंपरिक और आधुनिक तरीकों को एक साथ लाया जाएगा। शेख मोहम्मद ने देश की रक्षा सेनाओं की तारीफ की और कहा कि हमारे सभी संस्थान पूरी कुशलता और प्रोफेशनलिज्म के साथ काम कर रहे हैं।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| बैठक की तारीख | 29 मार्च 2026 |
| अंतरराष्ट्रीय समझौते | 120 से अधिक एमओयू स्वीकृत |
| स्पेस सेक्टर वैल्यू | 44 अरब दिरहम से ज्यादा |
| नया स्वास्थ्य मिशन | इंटीग्रेटिव मेडिसिन स्ट्रेटजी |
| सुरक्षा अपडेट | मिसाइल और ड्रोन खतरों को सफलतापूर्वक रोका गया |
शेख मोहम्मद ने कहा कि यूएई का विकास मॉडल लचीलेपन और खुलेपन पर टिका है। उन्होंने सशस्त्र बलों के ऊंचे रक्षात्मक जज्बे और नागरिकों व प्रवासियों द्वारा दिखाई गई जिम्मेदारी की भावना की सराहना की। सरकार ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद के नेतृत्व में देश अपनी सभी उपलब्धियों की रक्षा करेगा और क्षेत्रीय चुनौतियों के बावजूद विकास की गति को कम नहीं होने देगा।




