सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर ईरानी हमला, अमेरिका का $270 मिलियन का विमान तबाह, 12 सैनिक घायल
27 मार्च 2026 को सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर ईरान ने बड़ा मिसाइल और ड्रोन हमला किया। इस हमले में अमेरिकी वायु सेना का एक कीमती E-3 Sentry जासूसी विमान पूरी तरह जलकर राख हो गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक इस घटना में 10 से 12 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ा हुआ है और अमेरिका के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
इस हमले में अमेरिका को कितना नुकसान हुआ है?
हमले में नष्ट हुए E-3 Sentry विमान की कीमत करीब 270 मिलियन डॉलर यानी लगभग 2200 करोड़ रुपये से अधिक है। ग्राउंड लेवल और सैटेलाइट से मिली तस्वीरों में विमान का पिछला हिस्सा और रडार गुंबद पूरी तरह जला हुआ दिखाई दे रहा है। इसके अलावा एयरबेस पर खड़े कई KC-135 Stratotanker रिफ्यूलिंग विमानों को भी नुकसान पहुंचा है। डिफेंस एक्सपर्ट केली ग्रीको ने बताया कि इस विमान के नष्ट होने से छोटे समय के लिए युद्ध क्षेत्र की निगरानी में कमी आएगी क्योंकि अब अमेरिका के पास केवल 15 ऐसे विमान बचे हैं।
हमले से जुड़ी मुख्य जानकारियां क्या हैं?
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| हमले की तारीख | 27 मार्च 2026 |
| नष्ट हुआ विमान | E-3 Sentry AWACS (सीरियल #81-0005) |
| घायल सैनिकों की संख्या | 10 से 15 (5 की हालत गंभीर) |
| हमले का हथियार | बैलिस्टिक मिसाइल और सटीक मार करने वाले ड्रोन |
| खुफिया जानकारी का शक | रूस पर ईरान को सैटेलाइट डेटा देने का आरोप |
यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने दावा किया है कि रूस ने हमले से कुछ दिन पहले ही प्रिंस सुल्तान एयरबेस की सैटेलाइट तस्वीरें ईरान को दी थीं। पूर्व F-16 पायलट हीदर पेनी ने बताया कि ये विमान आसमान में ‘शतरंज के खिलाड़ी’ की तरह काम करते थे जो बाकी विमानों को रास्ता और टारगेट दिखाते थे। ईरान की ओर से किए गए इस हमले को अमेरिकी हवाई शक्ति को कमजोर करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। सऊदी अरब में रह रहे प्रवासियों और वहां की सुरक्षा व्यवस्था के लिए यह घटना चिंता का विषय बनी हुई है।




