Donald Trump Warning: परमाणु हथियार नहीं छोड़े तो नहीं बचेगा ईरान, ट्रंप ने दी देश खत्म होने की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के नेताओं को बहुत सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान अपने परमाणु हथियारों के प्रोग्राम को बंद नहीं करता है, तो आने वाले समय में उसके पास अपना देश नहीं बचेगा। 30 मार्च 2026 को दिए गए इस बयान में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अब काफी कमजोर हो चुका है और उसके पास अमेरिका की शर्तें मानने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है।
ट्रंप ने ईरान के भविष्य को लेकर क्या कहा है?
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि वह ईरान को किसी भी हालत में परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे। उन्होंने दावा किया कि अगर ईरान के पास ऐसे हथियार आते हैं, तो वह उनका तुरंत इस्तेमाल कर सकता है। ट्रंप के अनुसार ईरान में अब शासन बदल चुका है और वह अब कुछ ऐसे नए लोगों से बात कर रहे हैं जो पुराने नेताओं के मुकाबले ज्यादा समझदार नजर आते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ईरान ने अमेरिका को तेल से भरे कई बड़े जहाज भेजे हैं, जो इस बात का संकेत है कि वे समझौते के लिए तैयार हो रहे हैं।
इस पूरे मामले में अब तक क्या-क्या हुआ है?
पिछले कुछ दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। इस विवाद से जुड़ी मुख्य जानकारियां नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती हैं:
| तारीख | मुख्य घटनाक्रम |
|---|---|
| 30 मार्च 2026 | ट्रंप ने कहा कि परमाणु हथियार न छोड़ने पर ईरान का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। |
| 29 मार्च 2026 | ईरानी संसद के अध्यक्ष ने अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत को सिरे से खारिज किया। |
| 28 मार्च 2026 | ईरान के विदेश मंत्री ने इजरायली हमलों के बाद गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। |
| 27 मार्च 2026 | इजरायल ने ईरान के दो परमाणु ठिकानों और बड़ी स्टील फैक्ट्रियों पर हमले किए। |
क्षेत्रीय देशों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की इसमें क्या भूमिका है?
ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि सऊदी अरब, कतर और UAE जैसे खाड़ी देश इस मामले में पूरी तरह से अमेरिका के साथ खड़े हैं। दूसरी तरफ International Atomic Energy Agency (IAEA) का कहना है कि उन्हें फिलहाल ईरान में परमाणु हथियार बनाने का कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है। हालांकि अमेरिका अब ईरान से यूरेनियम हटाने के लिए सैन्य ऑपरेशन चलाने पर भी विचार कर रहा है। पाकिस्तान और तुर्की जैसे देश दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने की कोशिशों में जुटे हुए हैं ताकि क्षेत्र में बड़े युद्ध को टाला जा सके।




