ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान बोले- हम युद्ध खत्म करने को तैयार, लेकिन भविष्य में हमले न होने की चाहिए पक्की गारंटी
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने अमेरिका और इज़राइल के साथ चल रहे तनाव और युद्ध को खत्म करने की बात कही है। उन्होंने साफ किया है कि ईरान शांति चाहता है, लेकिन इसके लिए कुछ ठोस शर्तें माननी होंगी। पेज़ेश्कियान का कहना है कि वे ऐसा युद्धविराम नहीं चाहते जिसमें कल फिर से हमले का डर बना रहे, बल्कि उन्हें भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस अंतरराष्ट्रीय आश्वासन की जरूरत है।
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युद्ध खत्म करने के लिए ईरान की मुख्य शर्तें क्या हैं?
ईरानी राष्ट्रपति ने कई मौकों पर अपनी शर्तें स्पष्ट की हैं। उनका मुख्य जोर इस बात पर है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह गारंटी देनी होगी कि भविष्य में ईरान के खिलाफ कोई हमला नहीं होगा। इसके अलावा कुछ और महत्वपूर्ण बिंदु भी रखे गए हैं:
- ईरान के वैध अधिकारों को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिलनी चाहिए।
- युद्ध से जो नुकसान हुआ है, उसके लिए मुआवजे की मांग की गई है।
- अमेरिकी और इज़राइली पक्ष को तुरंत अपनी आक्रामकता रोकनी होगी।
- क्षेत्र में ऐसा माहौल बने जहां लगातार युद्ध का खतरा न मंडराता रहे।
हाल के दिनों में क्या बड़े घटनाक्रम हुए हैं?
पिछले कुछ हफ्तों में राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने दुनिया के कई बड़े नेताओं के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की है और अपना पक्ष रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ईरान पहले हमला नहीं करता, लेकिन अपने बुनियादी ढांचे पर आंच आने पर चुप भी नहीं बैठेगा। प्रमुख घटनाक्रम नीचे दी गई टेबल में देखे जा सकते हैं:
| तारीख | प्रमुख घटनाक्रम और बातचीत |
|---|---|
| 22 मार्च, 2026 | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर युद्ध रोकने की शर्तों पर चर्चा की। |
| 28 मार्च, 2026 | चेतावनी दी कि आर्थिक केंद्रों को निशाना बनाने पर ईरान कड़ा जवाब देगा। |
| 31 मार्च, 2026 | कहा कि अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने के लिए भरोसेमंद सुरक्षा की जरूरत है। |
| 1 अप्रैल, 2026 | यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष से फोन पर बात कर आक्रामकता रोकने की गारंटी मांगी। |
पेज़ेश्कियान ने इस बात पर जोर दिया है कि यह युद्ध ईरान ने शुरू नहीं किया है, बल्कि यह इज़राइल और अमेरिका की तरफ से थोपा गया है। उन्होंने मध्य पूर्व के देशों को भी यह पैगाम दिया है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के दुश्मनों को न करने दें। क्षेत्र में शांति के लिए ईरान ने रूस और पाकिस्तान जैसे देशों के साथ भी अपनी प्रतिबद्धता साझा की है।




