ईरान ने कुवैत, यूएई और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर दागी मिसाइलें, दुबई में भी दिखा हमले का असर.
पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं क्योंकि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने शनिवार 4 अप्रैल 2026 को एक साथ कई देशों पर बड़ा हमला किया है। इस हमले में कुवैत, यूएई और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और मिसाइल सिस्टम को निशाना बनाया गया है। ईरान ने इसे अपने ऑपरेशन ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ का 95वां हिस्सा बताया है। इसके बाद से पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और प्रवासियों के बीच चिंता का माहौल है।
ईरान के हमले में किन ठिकानों को पहुंचा नुकसान?
ईरान ने इस हमले के लिए हज कासिम और खैबर-शिकन जैसी खतरनाक मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। हमले की चपेट में कई महत्वपूर्ण सैन्य और नागरिक ठिकाने आए हैं जिनकी सूची नीचे दी गई है:
| देश | टारगेट की गई जगह |
|---|---|
| कुवैत | बुबियां द्वीप पर अमेरिकी HIMARS रॉकेट सिस्टम |
| बहरीन | पैट्रियट मिसाइल सिस्टम और इसराइली जहाज MCS Ishika |
| यूएई | अमेरिकी सैन्य ठिकाने और ओरेकल (Oracle) कंपनी का ऑफिस |
| इसराइल | तेल अवीव, बेनी ब्राक और रामत गन जैसे शहर |
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर क्या होगा असर?
दुबई के मरीना इलाके में एक इमारत पर हमले का मलबा गिरने की खबर आई है जिसकी पहचान ओरेकल कंपनी के दफ्तर के रूप में हुई है। हालांकि राहत की बात यह है कि वहां किसी की जान नहीं गई है। खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों और प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी गंभीर है क्योंकि इससे आने-जाने और सामान्य कामकाज पर असर पड़ सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की सख्त चेतावनी दी है और कहा है कि अगर वे समझौते के लिए तैयार नहीं होते हैं तो परिणाम भुगतने होंगे।
क्यों बढ़ गया है अचानक इतना तनाव?
यह पूरा विवाद फरवरी 2026 में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता की हत्या के बाद शुरू हुआ था। इसके बाद से अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच लगातार सैन्य टकराव जारी है। ईरान का दावा है कि उसने अपने बचाव और जवाबी कार्रवाई के तहत ये मिसाइलें दागी हैं। रूस ने भी यूएई और ईरान में बढ़ रहे हमलों की निंदा की है और अपने स्टाफ को वहां से सुरक्षित निकालना शुरू कर दिया है। ईरान के सैन्य प्रवक्ता के अनुसार उन्होंने अमेरिका के कई ड्रोन और मिसाइलों को भी हवा में मार गिराया है।




