ईरान की परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। एजेंसी अब अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की योजना बना रही है। ईरान का दावा है कि उसके परमाणु ठिकानों पर हुए अमेरिकी और इसराइली हमलों के मामले में IAEA प्रमुख ने चुप्पी साधे रखी और कोई ठोस एक्शन नहीं लिया। इस फैसले की जानकारी ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी IRNA ने 4 अप्रैल 2026 को साझा की है।

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क्यों हो रही है IAEA प्रमुख पर कानूनी कार्रवाई?

ईरान की परमाणु एजेंसी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रमुख ने अपनी जिम्मेदारियों को सही से नहीं निभाया है। जब ईरान के परमाणु संस्थानों पर बाहरी हमले हुए, तब संस्था को इस पर कड़ा रुख अपनाना चाहिए था। ईरान का आरोप है कि:

  • अमेरिका और इसराइल के हमलों पर IAEA प्रमुख ने कोई कार्रवाई नहीं की।
  • संस्था ने इन हमलों की निंदा करने या कानूनी रूप से रिपोर्ट करने में निष्क्रियता दिखाई।
  • परमाणु सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन सही से नहीं कराया गया।

इन सभी कारणों को आधार बनाकर अब कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि इस मामले में जवाबदेही तय की जा सके।

ईरान और अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी के बीच बढ़ा तनाव

ईरान और IAEA के बीच काफी समय से खींचतान चल रही है, लेकिन कानूनी कार्रवाई की यह बात संबंधों में और कड़वाहट ला सकती है। IRNA की रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला सीधे तौर पर ईरान की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ा है। एजेंसी ने साफ़ किया है कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत किसी भी देश के परमाणु ठिकानों पर हमला करना अपराध है और ऐसे में वैश्विक संस्था का चुप रहना गलत है। आने वाले दिनों में ईरान इस मामले को अंतरराष्ट्रीय कानूनी मंचों पर उठा सकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

Sushma Kumari

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