US-Iran Peace Talks Fail: ईरान ने नहीं माना प्रस्ताव, डोनाल्ड ट्रंप ने Strait of Hormuz की नाकेबंदी का किया ऐलान
अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई शांति बातचीत पूरी तरह विफल हो गई है. ईरान ने अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को बंद करने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद तनाव काफी बढ़ गया है. अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Strait of Hormuz की तुरंत नाकेबंदी करने का आदेश दे दिया है.
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बातचीत क्यों टूटी और अब क्या होगा?
दोनों देशों के बीच 12 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में बैठक हुई थी. अमेरिका चाहता था कि ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करे और परमाणु सुविधाओं को नष्ट करे. लेकिन ईरान ने इसे अपना अधिकार बताया और इस शर्त को मानने से मना कर दिया. इस वजह से बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई और राष्ट्रपति ट्रंप ने नौसेना को नाकेबंदी के लिए भेज दिया.
इस विवाद के मुख्य बिंदु क्या हैं?
- अमेरिका ने ईरान को 15 पॉइंट का प्रस्ताव दिया था जिसमें यूरेनियम सरेंडर करने की मांग थी.
- ईरान ने कहा कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और वह इसे बंद नहीं करेगा.
- इसराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने चेतावनी दी थी कि यूरेनियम या तो समझौते से हटेगा या ताकत के दम पर.
- पाकिस्तान ने इस पूरी बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी ताकि दोनों देशों के बीच शांति बनी रहे.
आम लोगों और तेल आपूर्ति पर क्या असर पड़ेगा?
Strait of Hormuz दुनिया के तेल व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण रास्ता है. अमेरिकी नौसेना द्वारा यहाँ नाकेबंदी किए जाने से ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर सीधा असर पड़ सकता है. इससे तेल की कीमतों में उछाल आने की संभावना है, जिसका असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और दुनिया भर के बाजारों पर पड़ेगा. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि जब तक ईरान परमाणु हथियार बनाने के साधनों को नहीं छोड़ता, दबाव बना रहेगा.




