• About
  • Career
  • Contact
  • Team
  • Policies
  • Privacy Policy
  • Correction Policies
  • Fact-Checking Policy
  • Newsletter
बुधवार, फ़रवरी 4, 2026
GulfHindi
  • Login
  • India
  • UAE
  • Saudi
  • Qatar
  • Kuwait
  • Bahrain
  • Oman
  • Yemen
  • Automotive
  • Finance
  • World
No Result
View All Result
GulfHindi
  • India
  • UAE
  • Saudi
  • Qatar
  • Kuwait
  • Bahrain
  • Oman
  • Yemen
  • Automotive
  • Finance
  • World
GulfHindi
No Result
View All Result
  • India
  • UAE
  • Saudi
  • Kuwait
  • Bahrain
  • Qatar
  • Oman
  • Finance
  • Automotive
  • World
  • Yemen
Home India

RBI के नए फ़ैसले से, 9% तक मिलेगा FD Interest Rate, जानिए लागू हुआ नया सम्पूर्ण स्लैब

Lov Singh by Lov Singh
अक्टूबर 13, 2022
in India
0
0
SHARES
18
VIEWS

RBI के नए फ़ैसले से, 9% तक मिलेगा FD Interest Rate, जानिए लागू हुआ नया सम्पूर्ण स्लैब

Lov Singh · अक्टूबर 13, 2022

क्या महंगाई के मामले में मामला हाथ से निकल रहा है? परिस्थितियां कुछ ऐसी ही इशारा कर रही हैं. देश की अर्थव्यवस्था को बुधवार को खुदरा महंगाई और औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों के रूप में दोहरे झटके का सामना करना पड़ा.

आंकड़ों के मुताबिक, खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी के चलते खुदरा महंगाई पांच महीने के सबसे ऊपरी स्तर 7.4 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि औद्योगिक उत्पादन पिछले 18 माह में पहली बार घट गया. चिंता की बात ये है कि खुदरा महंगाई लगातार 9वें महीने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दो से छह प्रतिशत के संतोषजनक स्तर से ऊपर बनी हुई है. ऐसे में सवाल है कि आरबीआई आगे क्या करेगा. एक नजर में जवाब तो यही है कि रेपो रेट बढ़ाएगा. और क्या करेगा आरबीआई, आइए जानते हैं.

 


सरकार को देना होगा जवाब

महंगाई के लगातार नौवें महीने संतोषजनक स्तर से ऊपर रहने के बीच रिजर्व बैंक को अब केंद्र सरकार को रिपोर्ट देकर इसका विस्तार से कारण बताना होगा. रिपोर्ट में यह बताना होगा कि महंगाई को निर्धारित दायरे में क्यों नहीं रखा जा सका और उसे काबू में लाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं.

 

रिजर्व बैंक के कानून के तहत अगर महंगाई के लिए तय लक्ष्य को लगातार तीन तिमाहियों तक हासिल नहीं किया गया है, तो आरबीआई को केंद्र सरकार को रिपोर्ट देकर उसका कारण और महंगाई को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में विस्तार से जानकारी देनी होती है. मॉनिटरी पॉलिसी के 2016 में लागू होके बाद से यह पहली बार होगा कि आरबीआई को रिपोर्ट के जरिये सरकार को अपने कदमों के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी

 

अलग से होगी MPC की बैठक

केंद्र सरकार की तरफ से रिजर्व बैंक को मिली जिम्मेदारी के तहत आरबीआई को खुदरा महंगाई दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत पर बनाए रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है. अब मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) के सचिव को आरबीआई कानून के तहत इस बारे में चर्चा के लिए एमपीसी की अलग से बैठक बुलानी होगी और रिपोर्ट तैयार कर उसे केंद्र सरकार को भेजना होगा. एमपीसी की बैठक में खुदरा महंगाई पर गौर किया जाता है.

एमपीसी की एक दिन की बैठक दिवाली के बाद हो सकती है क्योंकि केंद्रीय बैंक के वरिष्ठ अधिकारी इस समय अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष और विश्वबैंक की बैठकों में भाग लेने के लिए अमेरिका में हैं. पिछले महीने, आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि महंगाई लक्ष्य में चूक को लेकर केंद्र को भेजे जानी वाली रिपोर्ट दो पक्षों के बीच का गोपनीय मामला है और इसे सार्वजनिक नहीं किया जाएगा.

 

कामकाज पर उठेंगे सवाल

अगर महंगाई औसतन लगातार तीन तिमाहियों तक निर्धारित ऊपरी सीमा से अधिक या निचली सीमा से नीचे रहती है, इसे आरबीआई की तरफ से महंगाई को निर्धारित दायरे में रखने को लेकर मिली जिम्मेदारी में चूक माना जाएगा. केंद्रीय बैंक महंगाई को काबू में लाने के लिए मई से ही नीतिगत दर यानी कि रेपो रेट में वृद्धि कर रहा है. उसने अबतक नीतिगत दर 1.9 प्रतिशत बढ़ाई है जिससे रेपो दर 5.9 प्रतिशत पर पहुंच गई है.

 

रेपो रेट में वृद्धि का विकल्प

महामारी के शुरुआती महीनों में तीन तिमाही से अधिक समय तक महंगाई लक्ष्य के दायरे से बाहर रही थी. लेकिन लॉकडाउन के कारण आंकड़ा जुटाने में तकनीकी कमियों के कारण उस समय आरबीआई को रिपोर्ट नहीं देनी पड़ी थी. इस बार ऐसा नहीं होगा और आरबीआई को रिपोर्ट देनी होगी. अगला कदम रेपो रेट में बढ़ोतरी का है. माना जा रहा है कि दिसंबर में आरबीआई फिर एक बार रेपो रेट में बढ़ोतरी कर सकता है. पूरी दुनिया में जिस तरह से महंगाई बढ़ रही है और उसे काबू में करने के लिए केंद्रीय बैंक नीतिगत दरों में बढ़ोतरी कर रहे हैं, उसे देखते हुए भारत में भी इसमें वृद्धि जारी है. इससे लोन महंगा होने की संभावना है और ग्रोथ पर भी उलटा असर होने की आशंका है

 

9% तक हो जाएगा FD

AU Small Finance Bank FD For Senior Citizen (for amounts less than INR 2 Crore)*

Applicable Interest Rates on Fixed Deposits w.e.f. 10th October, 2022

Tenure Bucket Interest Rates Interest Rates (Annualized)
7 Days to 1 Month 15 Days 4.25% –
1 Month 16 Days to 3 Months 4.75% –
3 Months 1 Day to 6 Months 5.50% 5.61%
6 Months 1 Day to 12 Months 6.35% 6.50%
12 Months 1 Day to 15 Months 7.60% 7.82%
15 Months 1 Day to 18 Months 7.45% 7.66%
18 Months 1 Day to 24 Months 7.45% 7.66%
24 Months 1 Day to 36 Months 8.00% 8.24%
36 Months 1 Day to 45 Months 8.00% 8.24%
45 Months 1 Day to less than 60 Months 7.45% 7.66%
60 Months to 120 Months 7.45% 7.66%

अगर महंगाई पर कंट्रोल करने के लिए आरबीआई रेपो रेट में बदलाव करता है और अगर इसे 0.5% भी बढ़ाता है. तो NBFC और Small Finance Bank के द्वारा दिया जाने वाला ब्याज दर फिक्स डिपॉजिट पर  9% के आसपास या उससे थोड़ा ऊपर और जा सकता है. ब्याज दरों में बदलाव करने से बैंकों के पास आम जनों के द्वारा डिपॉजिट किए जाने वाले पैसे बढ़ेंगे और बैंक अपना कारोबार महंगाई के दौर में भी जारी रख सकेगा.

ShareTweetSendShare
Previous Post

दिल्ली में अब मैट्रिक पास सारे लोगों का न्यूनतम वेतन 20,357 रुपए महीना. इससे कम देना ग़ैरक़ानूनी

Next Post

SpiceJet विमान में बड़ा हादसा टला, केबिन से अचानक निकलने लगा स्मोक, दहशत में आए यात्री

Lov Singh

Lov Singh

बिहार से हूँ। बिहार होने पर गर्व हैं। फर्जी ख़बरों की क्लास लगाता हूँ। प्रवासियों को दोस्त हूँ। भारत मेरा सबकुछ हैं। Instagram पर @nyabihar तथा [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं।

Related Posts

News

Air India के विमान में वही तकनीकी खामी मिली जिससे 260 लोगों की जान गई थी, लंदन से आ रहा था भारत

by Praggya Singh sabal
फ़रवरी 4, 2026
0

Air India की लंदन से बेंगलुरु आ रही फ्लाइट AI-132 में एक गंभीर तकनीकी समस्या देखी गई है। यह वही समस्या है जिसका संबंध पिछले साल जून...

Read moreDetails

Delhi AI Summit: दिल्ली में नहीं लगेगा G20 जैसा लॉकडाउन, 4000 पुलिसकर्मी संभालेंगे ट्रैफिक

फ़रवरी 4, 2026

पश्चिम बंगाल और झारखंड के बीच बिछेगी नई रेल लाइन, रेलवे ने सिउड़ी-नाला रूट के सर्वे को दी मंजूरी

फ़रवरी 4, 2026

सऊदी अरब में पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार, कंक्रीट फेंकने पर 10 मिलियन रियाल तक का है जुर्माना

फ़रवरी 4, 2026
Next Post

SpiceJet विमान में बड़ा हादसा टला, केबिन से अचानक निकलने लगा स्मोक, दहशत में आए यात्री

Facebook Twitter LinkedIn Youtube Whatsapp

Welcome to GulfHindi.com

GulfHindi.com Started in Year 2014 as online community converted into website by year 2019. We are thankful to our reader and their engagement with us. We server general purpose day to day helpful contents in news, finance, automotive and expats related issues or updates inside and outside India.

Gulfhindi.com

About Us.

  • About
  • Career
  • Contact
  • Correction Policies
  • Fact-Checking Policy
  • Privacy Policy
  • Team

Contact Us

GulfHindi, Anand villa 201, DPS more, Priyadarshi Nagar, Patna, Bihar, India 801503
Email: [email protected]
Mobile: 9504756906

© 2025 GulfHindi.com | RR Sanchar Nagar, T6/301, 801105, Danapur, Patna, Bihar | Email: [email protected] | Mob: 9504756906

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • India
  • UAE
  • Saudi
  • Qatar
  • Kuwait
  • Bahrain
  • Oman
  • Yemen
  • Automotive
  • Finance
  • World

© 2025 GulfHindi.com | RR Sanchar Nagar, T6/301, 801105, Danapur, Patna, Bihar | Email: [email protected] | Mob: 9504756906