Abu Dhabi Emergency Rescue: युद्ध के हालात के बीच 700 से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया, सरकार ने जारी किए नए निर्देश
Abu Dhabi में ईरान के साथ चल रहे तनाव और युद्ध के हालात के बीच 700 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। Abu Dhabi Emergencies, Crises and Disasters Management Centre (ADECDM) की रिपोर्ट के अनुसार, यह एक विशेष इमरजेंसी ऑपरेशन था जिसके तहत सऊदी बॉर्डर पर फंसे लोगों को वापस लाया गया है। 9 और 10 मार्च 2026 के बीच मिसाइल हमलों और उड़ानों के रद्द होने के कारण यात्रा पूरी तरह बाधित हो गई थी, जिसके बाद सरकार ने यह राहत अभियान चलाया।
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क्या है पूरा मामला और कैसे हुई यह रेस्क्यू प्रक्रिया?
हाल ही में UAE के एयर डिफेंस ने 15 बैलिस्टिक मिसाइल और 100 से ज्यादा ड्रोन को मार गिराया है। इस तनावपूर्ण स्थिति के कारण हवाई और सड़क मार्ग से यात्रा रोक दी गई थी। इस समस्या को देखते हुए Etihad Rail के जरिए एक विशेष पैसेंजर ट्रेन सेवा शुरू की गई, जो अपनी कमर्शियल शुरुआत से पहले ही आपातकाल के लिए इस्तेमाल की गई।
यह विशेष ट्रेन Ghuweifat Station से Al Faya Station तक चलाई गई। इस अभियान के तहत कम से कम तीन अलग-अलग मिशन में 700 से अधिक यूएई नागरिकों और प्रभावित लोगों को सुरक्षित जगह लाया गया। इस पूरे ऑपरेशन में रक्षा मंत्रालय और स्थानीय ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी मिलकर काम कर रहे हैं।
NCEMA के नए अलर्ट नियम और यात्रियों के लिए निर्देश
खराब हालात को देखते हुए NCEMA ने इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम के नियमों में भी बड़ा बदलाव किया है। अब सुबह 9:00 बजे से रात 10:30 बजे तक तेज लाउड अलार्म का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, रात 10:30 बजे से सुबह 9:00 बजे के बीच मोबाइल पर केवल एक स्टैंडर्ड टेक्स्ट मैसेज टोन भेजी जाएगी ताकि लोग रात में पैनिक न हों।
अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि यह ट्रेन सेवा एक आपातकालीन सुविधा है और इसके लिए यात्रियों से कोई किराया नहीं लिया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना पुख्ता जानकारी और आधिकारिक निर्देश के किसी भी एयरपोर्ट या स्टेशन पर न जाएं। भविष्य में जब Etihad Rail की कमर्शियल सेवा शुरू होगी, तब इसके लिए nol कार्ड से पेमेंट किया जा सकेगा।
UAE का शांति का रुख और आगे की स्थिति
इस पूरे मामले पर संयुक्त राष्ट्र में यूएई के राजदूत जमाल अल मुशरख ने साफ किया है कि यूएई इस तनाव को कम करने के पक्ष में है। उन्होंने बताया कि यूएई न तो ईरान पर किसी हमले का हिस्सा बनेगा और न ही अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी सैन्य ऑपरेशन के लिए होने देगा।
सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। देश में काम कर रहे प्रवासियों और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।





