हाल ही में दुबई मरीना की ऊंची बिल्डिंग में आग लग गई थी. आग के बाद अस्थायी रूप से दिए गए आश्रयों से जिन निवासियों को बाहर जाने के लिए कहा गया था, उन्हें अब वैकल्पिक आवास की व्यवस्था मुहैया कराई गई. दुबई पुलिस ने स्पष्ट किया कि केवल वे निवासी जिनके पास वैध लीज़ अनुबंध नहीं था, उन्हें ही अस्थायी आश्रयों को खाली करने के लिए कहा गया था. पुलिस ने यह भी आश्वस्त किया कि ऐसे सभी प्रभावित निवासियों को नई और सुरक्षित रहने की व्यवस्था प्रदान की गई है, ताकि कोई भी व्यक्ति संकट की स्थिति में बेसहारा न रहे.
पुलिस ने निवासियों से किया सीधा संपर्क
दुबई की जन-प्रथम संकट प्रतिक्रिया नीति के अनुरूप, दुबई पुलिस ने निकाले गए निवासियों से सीधे संपर्क किया और दुबई रेज़िलिएंस सेंटर के समन्वय से उन्हें वैकल्पिक आश्रय प्रदान किया. पुलिस ने कहा कि दुबई प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सभी निवासी सुरक्षित, सूचित और सहयोग प्राप्त कर सकें, जो अमीरात की व्यापक संकट प्रबंधन रूपरेखा के अनुरूप है.
शुक्रवार की देर रात लगी थी आग
शुक्रवार को दुबई मरीना की 67-मंज़िला मरीना पिनैकल टावर में आग लग गई थी. दुबई पुलिस और दुबई सिविल डिफेंस की तुरंत कार्रवाई की बदौलत 3,800 से अधिक निवासियों को तुरंत सुरक्षित निकाल लिया गया और छह घंटे के भीतर आग पर काबू पा लिया गया. सिविल डिफेंस अधिकारियों ने कई पालतू जानवरों को भी सफलतापूर्वक बचा लिया.
बीमा कंपनियों से संपर्क करने की प्रक्रिया शुरू
एक आधिकारिक बयान में संघ ने कहा कि वह “प्रभावित निवासियों के लिए अस्थायी आवास प्रदान करने” के लिए संबंधित अधिकारियों के निर्देशों का पालन कर रहा है. जो लोग अस्थायी आवास की तलाश कर रहे हैं, उन्हें समया होटल, दीरा जाने और कस्टमर सर्विस विभाग से संपर्क करने की सलाह दी गई है. संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि पात्रता के लिए निवासियों को या तो टाइटल डीड या लीज अनुबंध (टेनेंसी कॉन्ट्रैक्ट) प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा. संघ ने यह भी पुष्टि की कि उसने बीमा कंपनी से संपर्क की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि ऐसे मामलों में आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा सकें.





