दिल्ली-एनसीआर और इसके आसपास के इलाकों में हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए नियम अब पहले से ज्यादा सख्त हो गए हैं। अगर आप अपनी गाड़ी लेकर हाईवे पर निकल रहे हैं, तो यह सुनिश्चित कर लें कि आपके वाहन का प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र (PUC) अपडेट है। प्रदूषण को रोकने के लिए अब मानवीय जांच की जगह हाई-टेक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है, जिससे नियमों का उल्लंघन करने वालों का बच पाना नामुमकिन होगा।
हाईवे और एक्सप्रेसवे पर अब पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि एआई तकनीक से लैस कैमरे रखेंगे आपकी गाड़ी पर नजर
अब तक हाईवे पर पुलिसकर्मी गाड़ियों को रोककर उनके कागज चेक करते थे, जिससे ट्रैफिक भी धीमा होता था, लेकिन अब यह तरीका बदल रहा है। अब एक्सप्रेसवे और हाईवे पर ‘ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन’ (ANPR) वाले कैमरे लगाए जा रहे हैं। ये कैमरे आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस हैं। इसका मतलब है कि अब आपको कोई रोकेगा नहीं, लेकिन आप पर चौबीसों घंटे डिजिटल नजर रखी जाएगी।
गाड़ी के कैमरे के सामने से गुजरते ही नंबर प्लेट स्कैन होगी और सीधे डेटाबेस से चेक होगा पीयूसी स्टेटस
यह पूरी प्रक्रिया कुछ ही सेकंड में पूरी हो जाएगी। जैसे ही आपकी गाड़ी इन हाई-टेक कैमरों के सामने से गुजरेगी, कैमरा आपकी गाड़ी की नंबर प्लेट को स्कैन कर लेगा। इसके बाद, यह सिस्टम रियल-टाइम में ‘वाहन डेटाबेस’ (Vahan Database) से संपर्क करेगा। सिस्टम तुरंत चेक करेगा कि संबंधित गाड़ी का पीयूसी वैध है या नहीं। अगर डेटाबेस में पीयूसी एक्सपायर मिला या उपलब्ध नहीं हुआ, तो यह जानकारी तुरंत ट्रैफिक पुलिस के सिस्टम को भेज दी जाएगी और वाहन मालिक का ई-चालान (E-Challan) अपने आप कट जाएगा।
दिल्ली-मेरठ और द्वारका एक्सप्रेसवे सहित राजधानी के इन प्रमुख मार्गों पर शुरू हो रही है हाई-टेक निगरानी
इस नई और सख्त व्यवस्था को राजधानी के प्रमुख रास्तों पर लागू करने की तैयारी कर ली गई है। जिन मार्गों पर अब बिना पीयूसी गाड़ी चलाना भारी पड़ेगा, उनमें प्रमुख रूप से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, एनएच-9 (NH-9), दिल्ली-देहरादून हाईवे, द्वारका एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे शामिल हैं। गौरतलब है कि इस तकनीक का सफल प्रयोग गुरुग्राम में पहले ही किया जा चुका है, जिसके बाद अब इसे व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है।
सिर्फ कागज ही नहीं, अगर गाड़ी से धुआं निकलता दिखाई दिया तो भी तुरंत होगी कार्रवाई
इस नई प्रणाली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं है। एआई कैमरे इतने सक्षम हैं कि वे विजुअल मॉनिटरिंग भी करेंगे। अगर किसी गाड़ी का पीयूसी बना हुआ है, लेकिन वह सड़क पर ज्यादा धुआं छोड़ती हुई पाई जाती है, तो कैमरा उसे भी चिह्नित (Identify) कर लेगा। ऐसी गाड़ियों को भी प्रदूषण फैलाने का दोषी माना जाएगा और उन पर उचित कार्रवाई की जाएगी। इसलिए वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे न केवल अपना पीयूसी रिन्यू कराएं, बल्कि इंजन की सेहत का भी ध्यान रखें।





