आम्रपाली समूह (Amrapali Group) के प्रोजेक्ट्स में अपने सपनों का आशियाना तलाश रहे हजारों निवेशकों और घर खरीदारों के मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने निवेशकों के पैसे की हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच करते हुए एक और सख्त कदम उठाया है। एजेंसी ने समूह से जुड़े अवैध लेन-देन की परतों को खोलते हुए करोड़ों रुपये की उन संपत्तियों को अपने कब्जे में ले लिया है, जो सीधे तौर पर आम्रपाली के नाम पर नहीं, बल्कि दूसरी कंपनियों के जरिए खड़ी की गई थीं। यह कार्रवाई उन घर खरीदारों के लिए उम्मीद की एक किरण है, जो वर्षों से अपने फ्लैट या रिफंड की राह देख रहे हैं।
घर खरीदारों की गाढ़ी कमाई से बनाई गई 99 करोड़ रुपये की ‘बेनामी’ संपत्तियों पर चला प्रवर्तन निदेशालय का डंडा
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत लगभग 99.26 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त (Attach) कर लिया है। जांच में सामने आया कि ये संपत्तियां ‘मौर्या उद्योग लिमिटेड’ (Mauria Udyog Ltd) नामक कंपनी के नाम पर थीं। यह कंपनी उन संस्थाओं में से एक है, जहाँ आम्रपाली समूह ने घर खरीदारों से इकट्ठा किए गए फंड को अवैध तरीके से डायवर्ट किया था। इस कार्रवाई का मकसद उस पैसे को रिकवर करना है जो आम जनता ने भरोसे के साथ बिल्डर को सौंपा था, लेकिन उसका इस्तेमाल निजी लाभ और संपत्तियां बनाने में किया गया।
फ्लैट निर्माण के लिए सरिया और सामान खरीदने के नाम पर हुआ था करोड़ों का खेल, फर्जी बिलों के जरिए ऐसे डकारे गए पैसे
इस पूरे घोटाले की जड़ें काफी गहरी हैं। ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि आम्रपाली समूह के निदेशकों ने सुनियोजित तरीके से घर खरीदारों के पैसों का गबन किया। जांच के मुताबिक, आम्रपाली समूह ने अपने खातों से करीब 110 करोड़ रुपये ‘मौर्या उद्योग लिमिटेड’ को भेजे थे। कागजों पर यह दिखाया गया कि यह पैसा फ्लैट निर्माण के लिए आवश्यक सरिया (TMT Bars) और अन्य सामग्री खरीदने के लिए दिया गया है। हालांकि, हकीकत इसके बिल्कुल उलट थी। जांच एजेंसी ने पाया कि कोई भी निर्माण सामग्री नहीं खरीदी गई थी और न ही कोई माल साइट पर पहुंचा था। यह पूरा लेन-देन केवल फर्जी बिलों और कागजी कार्रवाई के जरिए दिखाया गया, ताकि निवेशकों के पैसे को मुख्य खातों से निकालकर गायब किया जा सके।
दिल्ली, मुंबई और फरीदाबाद में फैले साम्राज्य पर बड़ी चोट, अब तक 303 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति हुई कुर्क
ताज़ा कार्रवाई में जिन संपत्तियों को जब्त किया गया है, वे देश के प्रमुख शहरों में स्थित हैं। इनमें मौर्या उद्योग की फरीदाबाद स्थित फैक्ट्री के अलावा दिल्ली और मुंबई में स्थित जमीन और इमारतें शामिल हैं। इस नई जब्ती के साथ ही आम्रपाली मामले में ईडी द्वारा कुर्क की गई कुल संपत्तियों का आंकड़ा अब 303 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। इससे पहले भी एजेंसी ने आम्रपाली के प्रमोटरों—अनिल शर्मा, शिव प्रिया और अजय कुमार—की कई संपत्तियों को जब्त किया था। ये प्रमोटर फिलहाल जेल में हैं और कानून का सामना कर रहे हैं। ईडी की यह निरंतर कार्रवाई यह संदेश देती है कि घर खरीदारों के पैसे से खिलवाड़ करने वालों पर कानून का शिकंजा और कसता जा रहा है।





