नए साल के आगमन के साथ ही दिल्ली सरकार ने गरीब और वंचित परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने ऐलान किया है कि अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत आने वाले हजारों परिवारों को अब अपनी रसोई के लिए चीनी खरीदने की चिंता नहीं करनी होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की अहम बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है, जिसके तहत पात्र कार्डधारकों को सरकार की तरफ से मुफ्त चीनी मुहैया कराई जाएगी।
जनवरी 2026 से मार्च 2027 तक मिलेगी बड़ी राहत, हर महीने एक किलो चीनी के लिए नहीं देने होंगे पैसे
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस योजना का लाभ लंबे समय तक जनता को मिलता रहेगा। यह मुफ्त वितरण व्यवस्था जनवरी 2026 से शुरू होकर मार्च 2027 तक जारी रहेगी। इसका सीधा अर्थ है कि लाभार्थियों को लगातार 15 महीनों तक इस सुविधा का लाभ मिलेगा। इस दौरान दिल्ली के सभी एएवाई (AAY) लाभार्थियों को हर महीने एक किलो चीनी का पैकेट निशुल्क दिया जाएगा। यह कदम महंगाई के दौर में गरीब परिवारों के लिए एक बड़े आर्थिक सहारे के रूप में देखा जा रहा है।
खुली चीनी में मिलावट और गंदगी से मिलेगा छुटकारा, अब सीधे हाथों में पहुंचेगा सील बंद ब्रांडेड पैकेट
राशन की दुकानों पर अब तक मिलने वाली खुली चीनी को लेकर अक्सर शिकायतें आती रहती थीं। खुली चीनी में धूल-मिट्टी, नमी, कीटाणु और कई बार कम तौल जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। इन तमाम दिक्कतों को दूर करने के लिए कैबिनेट ने एक अहम बदलाव किया है। अब उचित मूल्य की दुकानों पर खुली चीनी का वितरण बंद कर दिया जाएगा और इसकी जगह लाभार्थियों को मानक ब्रांडिंग वाला पैकेटबंद (Packaged) चीनी का वितरण किया जाएगा। एक किलो के इस ब्रांडेड पैकेट से न केवल सही मात्रा सुनिश्चित होगी, बल्कि यह स्वास्थ्य की दृष्टि से भी स्वच्छ और सुरक्षित होगी। इससे चीनी के भंडारण और उपयोग में भी लोगों को आसानी होगी।
साढ़े 65 हजार परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ, टेंडर पास होने तक नहीं रुकेगी राशन की आपूर्ति
इस जनहितकारी फैसले से दिल्ली के कुल 65,883 एएवाई परिवार सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। सरकार का उद्देश्य है कि योजना का क्रियान्वयन बिना किसी बाधा के हो। इसी को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने यह भी स्पष्ट किया है कि ब्रांडेड पैकेट के लिए नया टेंडर पास होने में जो भी समय लगेगा, उस दौरान लाभार्थियों को इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जब तक नई पैकेट व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हो जाती, तब तक लाभार्थियों को किसी भी तरह की असुविधा से बचाने के लिए मौजूदा व्यवस्था के तहत ही चीनी का वितरण निर्बाध रूप से जारी रहेगा।





