Al-Aqsa Mosque फिर खुला, 40 दिनों बाद 1 लाख से ज़्यादा मुसलमानों ने की नमाज़, इसराइल ने हटाया प्रतिबंध
East Jerusalem के Al-Aqsa Mosque में 40 दिनों के बाद फिर से नमाज़ शुरू हो गई है। गुरुवार को मस्जिद खुलने के बाद शुक्रवार को यहाँ भारी भीड़ जुटी और करीब 1 लाख से ज़्यादा मुसलमानों ने जुमे की नमाज़ अदा की। इस मौके पर लोग काफी भावुक नज़र आए और मस्जिद में दोबारा प्रवेश मिलने पर अपनी खुशी जताई।
मस्जिद क्यों बंद थी और कैसे खुला रास्ता?
इसराइल की सेना ने 28 फरवरी 2026 से Al-Aqsa Mosque को पूरी तरह बंद कर दिया था। अधिकारियों ने इसका कारण अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को बताया था। इस बंदिश की वजह से लगातार पांच शुक्रवार की नमाज़ और ईद-उल-फितर की नमाज़ भी नहीं हो पाई थी। अब अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के ceasefire (युद्धविराम) के बाद इसराइल ने 9 अप्रैल को इसे फिर से खोलने का ऐलान किया।
नए नियमों और विवादों का क्या है मामला?
मस्जिद खुलने के साथ ही इसराइल ने ultra-nationalist समूहों के लिए अंदर आने के समय को बढ़ा दिया है। Palestinian Foreign Ministry ने इस फैसले की निंदा की है और इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है। वहीं, West Bank से आने वाले लोगों के लिए अभी भी उम्र और परमिट से जुड़े कड़े नियम लागू हैं। सुरक्षा के लिए Old City में भारी संख्या में पुलिस और बॉर्डर गार्ड तैनात किए गए हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मस्जिद खुलने की तारीख | 9 अप्रैल 2026 |
| जुमे की नमाज़ में भीड़ | 1 लाख से ज़्यादा |
| बंद रहने की अवधि | 40 दिन |
| प्रबंधन संस्था | Islamic Waqf (Jordan) |
मस्जिद के प्रशासन को संभालने वाली जॉर्डन की संस्था Islamic Waqf और तुर्की के विदेश मंत्रालय ने भी इसराइल की हरकतों पर आपत्ति जताई है। विशेष रूप से 7 अप्रैल को एक इसराइली मंत्री द्वारा मस्जिद में जबरन घुसने की घटना की कड़ी निंदा की गई है।




