US-Iran News: पाकिस्तान में होगी अमेरिका और ईरान की बातचीत, ट्रंप ने दी चेतावनी, इस्लामाबाद में जुटे बड़े नेता
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए अब पाकिस्तान में अहम बातचीत शुरू हो रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बैठक के लिए अपनी टीम को इस्लामाबाद भेजा है। यह बातचीत एक दो हफ्ते के युद्धविराम के बाद हो रही है, जिसे पाकिस्तान ने संभव बनाया था।
ℹ️: Trump का बड़ा दावा, ईरान की सैन्य ताकत को किया पूरी तरह बर्बाद, अमेरिका ने माना अपनी बड़ी जीत।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| बैठक की जगह | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| तारीख | 10 अप्रैल 2026 |
| अमेरिकी प्रतिनिधि | JD Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner |
| ईरानी प्रतिनिधि | Abbas Araghchi, Mohammad Bagher Ghalibaf |
| मध्यस्थ | पाकिस्तान (प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ) |
| बातचीत का तरीका | प्रॉक्सिमिटी फॉर्मेट (अलग-अलग कमरे) |
| मुख्य शर्त (USA) | होर्मुज जलडमरूमध्य का पूरा खुलना |
| मुख्य शर्त (Iran) | लेबनान में युद्धविराम और संपत्ति की वापसी |
बातचीत का तरीका और शामिल लोग
इस बातचीत के लिए अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति JD Vance के नेतृत्व में एक टीम इस्लामाबाद पहुंची है। ईरान की तरफ से विदेश मंत्री अब्बास अरागची और संसदीय स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ टीम का नेतृत्व करेंगे। यह बैठक प्रॉक्सिमिटी फॉर्मेट में होगी, जिसका मतलब है कि दोनों देशों की टीमें अलग-अलग कमरों में बैठेंगी और पाकिस्तानी अधिकारी उनके बीच संदेश पहुंचाएंगे।
दोनों देशों की कड़ी शर्तें
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि बमबारी रोकने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का तुरंत और सुरक्षित खुलना जरूरी है। दूसरी ओर ईरान ने दो शर्तें रखी हैं। ईरान चाहता है कि लेबनान में चल रहा हमला रुके और उसकी जब्त की गई संपत्ति वापस मिले। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने भी लेबनान में शांति को अनिवार्य बताया है।
इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस हाई-प्रोफाइल बैठक के लिए पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ा दी है। 9 और 10 अप्रैल को सार्वजनिक छुट्टी घोषित की गई और सेना को तैनात किया गया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर बातचीत नाकाम रही तो अमेरिकी युद्धपोतों में आधुनिक गोला-बारूद लोड किया जा रहा है।




