अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग, UAE और बहरीन के प्लांट पर हुआ हमला, कई लोग हुए जख्मी
मिडिल ईस्ट में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। अमेरिका और इज़राइल की वायुसेना ने ईरान के तबरीज़ (Tabriz) में एक बड़े पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हवाई हमले किए हैं। इसके जवाब में ईरान की सेना IRGC ने शनिवार को यूएई और बहरीन की बड़ी एल्युमीनियम कंपनियों को निशाना बनाया है। इन हमलों में इंडस्ट्रियल प्लांट्स को काफी नुकसान पहुँचा है और कई कर्मचारियों के घायल होने की खबर है।
यूएई और बहरीन में कहाँ हुए हमले और क्या हुआ नुकसान?
ईरान की IRGC ने शनिवार, 29 मार्च 2026 को यूएई और बहरीन में मौजूद अहम औद्योगिक केंद्रों पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया। इन हमलों का सीधा असर वहाँ काम करने वाले लोगों और कंपनियों पर पड़ा है।
- Emirates Global Aluminium (EGA): अबू धाबी के Al-Taweelah साइट पर हुए हमले में 6 कर्मचारी घायल हुए हैं और वहाँ काफी नुकसान हुआ है।
- Aluminium Bahrain (Alba): बहरीन की इस कंपनी ने पुष्टि की है कि उनके यहाँ हुए हमले में 2 कर्मचारियों को हल्की चोटें आई हैं।
- ईरान का आरोप है कि ये कंपनियाँ अमेरिकी रक्षा क्षेत्र और सैन्य जरूरतों को सामान सप्लाई करती हैं।
- खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि ये हमले सीधे काम करने वाली जगहों पर हुए हैं।
ईरान के किन ठिकानों को अमेरिका और इज़राइल ने बनाया निशाना?
रविवार, 30 मार्च 2026 को अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के भीतर कई जगहों पर बमबारी की। ईरानी मीडिया के मुताबिक, तबरीज़ में एक पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमला हुआ, जिसे बाद में काबू में कर लिया गया।
| ठिकाना | नुकसान का विवरण |
|---|---|
| Khondab Heavy Water Plant | IAEA ने पुष्टि की है कि यह प्लांट पूरी तरह बर्बाद हो गया है और अब काम नहीं कर रहा। |
| Tabriz Petrochemical | हवाई हमले के बाद यहाँ आग लगी, जिसे ईरानी अधिकारियों ने नियंत्रित किया। |
| Missile Production Site | इज़राइली सेना ने मिसाइल के पुर्जे बनाने वाले एक मुख्य केंद्र को तबाह करने का दावा किया। |
ईरान की नई चेतावनी और आने वाले खतरे
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने इन हमलों को अपराध बताया है और कहा है कि इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। ईरान ने अब खुलेआम धमकी दी है कि वे खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले अमेरिकी और इज़राइली अधिकारियों के घरों को निशाना बनाएंगे। ईरान की सेना का कहना है कि उनकी जवाबी कार्रवाई अब किसी भी हद तक जा सकती है। इस बढ़ते तनाव की वजह से पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रवासियों के बीच डर का माहौल बना हुआ है।




