Andaman Sea Tragedy: शरणार्थियों की नाव पलटी, 250 लोग हुए लापता, मलेशिया जाने का सपना टूटा
अंडमान सागर में एक बड़ा हादसा हुआ है जहाँ शरणार्थियों से भरी एक नाव पलट गई। इस हादसे में करीब 250 लोगों के लापता होने की खबर है। यह नाव दक्षिणी बांग्लादेश से मलेशिया जा रही थी लेकिन खराब मौसम और भारी भीड़ की वजह से समुद्र में डूब गई। इस नाव में महिलाएं और बच्चे भी सवार थे।
हादसा कैसे हुआ और क्या थी वजह?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह नाव 4 अप्रैल को दक्षिणी बांग्लादेश के टेकनाफ से मलेशिया के लिए निकली थी। सफर के करीब चार दिन बाद तेज हवाओं और ऊंची लहरों की वजह से यह नाव पलट गई। नाव में क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे, जिसकी वजह से स्थिति और बिगड़ गई। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) और अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने इस दुखद घटना पर गहरा दुख और चिंता जताई है।
बचाव कार्य और जीवित बचे लोगों का हाल
बांग्लादेश कोस्ट गार्ड ने इस हादसे में केवल 9 लोगों को बचाया है, जिनमें 8 पुरुष और 1 महिला शामिल हैं। बचाए गए लोगों में से 6 को पुलिस ने हिरासत में लिया है क्योंकि उन पर मानव तस्करी का आरोप है। एक जीवित बचे व्यक्ति रफीकुल इस्लाम ने बताया कि उन्हें मलेशिया में नौकरी का लालच देकर नाव पर बिठाया गया था। उन्होंने बताया कि नाव पलटने के बाद वे करीब 36 घंटे तक समुद्र में भटकते रहे।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| लापता लोग | करीब 250 |
| बचाए गए लोग | 9 |
| रवानगी की तारीख | 4 अप्रैल 2026 |
| गंतव्य | मलेशिया |
| मुख्य कारण | खराब मौसम और अत्यधिक भीड़ |
| संबंधित संस्थाएं | UNHCR, IOM, बांग्लादेश कोस्ट गार्ड |
UN और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने क्या कहा?
UNHCR और IOM ने कहा कि यह हादसा रोहिंग्या शरणार्थियों की बदतर स्थिति और उनके पास स्थायी समाधान न होने का नतीजा है। एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे बांग्लादेश में शरणार्थियों की मदद के लिए फंड और एकजुटता बढ़ाएं। साथ ही उन्होंने म्यांमार में उन कारणों को खत्म करने की मांग की है जिनकी वजह से लोग अपना घर छोड़ने पर मजबूर होते हैं और खतरनाक समुद्री यात्राएं करते हैं।




