US-Iran Talks: इस्लामाबाद में फिर हो सकती हैं अमेरिका और ईरान की बातचीत, JD Vance संभालेंगे कमान
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर बातचीत शुरू होने की संभावना है। इस बार की मीटिंग के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद को चुना जा सकता है। खबर है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance इस बातचीत का नेतृत्व करेंगे। दुनिया की नजरें अब इस बात पर हैं कि क्या इस बार कोई ठोस समझौता हो पाएगा।
बातचीत में क्या होगा खास और अमेरिका की क्या मांग है?
अमेरिका का मुख्य लक्ष्य यह है कि ईरान इस बात का पक्का वादा करे कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। इसके साथ ही अमेरिका ईरान के समृद्ध यूरेनियम पर कब्जा करना चाहता है और ऐसे नियम बनाना चाहता है जिससे ईरान दोबारा यूरेनियम समृद्ध न कर सके। उपराष्ट्रपति JD Vance ने साफ किया है कि अब अगली पहल ईरान को ही करनी होगी।
पाकिस्तान की भूमिका और अब तक क्या हुआ?
पाकिस्तान इस मुलाकात को सफल बनाने के लिए काफी मेहनत कर रहा है। इससे पहले 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में 21 घंटे तक बातचीत चली थी, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका था। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने बताया कि उनका नेतृत्व मध्यस्थता की कोशिशों को जारी रखेगा। वहीं UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी इन बातचीत के दोबारा शुरू होने की उम्मीद जताई है।
बातचीत से जुड़ी मुख्य जानकारियां
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| संभावित जगह | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| अमेरिकी प्रतिनिधि | JD Vance (उपराष्ट्रपति) |
| ईरानी प्रतिनिधि | मोहम्मद बागेर कालिबाफ (पिछली बैठक) |
| मुख्य विवाद | परमाणु हथियार और यूरेनियम |
| अहम शर्त | Strait of Hormuz का खुलना |
| पिछली बैठक | 12 अप्रैल 2026 |
| मध्यस्थ देश | पाकिस्तान |




