बहरीन में धमाकों के बीच पढ़ी गई नमाज़, ईरान के हमले में 2 की मौत और 32 घायल
रमजान के पवित्र महीने में बहरीन की एक मस्जिद में लोग तारावीह की नमाज़ पढ़ते रहे, जबकि बाहर लगातार तेज धमाकों की आवाजें आ रही थीं। फरवरी के अंत में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद से ईरान ने खाड़ी देशों पर जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। ईरान ने बहरीन सहित कुवैत, कतर और UAE में अमेरिकी ठिकानों और अन्य जगहों को निशाना बनाया है। इस तनावपूर्ण स्थिति के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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बहरीन में ईरान के हमलों से कितना नुकसान हुआ?
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने 1 मार्च से ही कई चरणों में हमले शुरू किए हैं। हाल ही में 9 मार्च को बहरीन की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी Bapco Energies पर ड्रोन हमला हुआ।
- इस हमले में रिफाइनरी में भीषण आग लग गई और कम से कम 32 बहरीनी नागरिक घायल हो गए।
- मनामा की एक आवासीय इमारत पर हुए हमले में एक 29 वर्षीय महिला की मौत हो गई।
- इससे पहले 1 मार्च को गिरे मलबे से एक शिपयार्ड वर्कर की भी जान चली गई थी।
- मनामा में होटल और कई आवासीय इमारतों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी करते हुए उन्हें शांत रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है। वहीं शांति के लिए चर्च की गतिविधियों को भी फिलहाल रोक दिया गया है।
हमलों की मुख्य वजह और ताजा हालात क्या हैं?
इन हमलों की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन से हमले शुरू किए।
ईरान का मुख्य निशाना खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं। बहरीन में अमेरिकी सेंट्रल कमांड का मुख्यालय और पांचवां बेड़ा मौजूद है, जिसे निशाना बनाया गया है। इन लगातार धमाकों के बीच भी बहरीन के स्थानीय लोग और प्रवासी सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका उदाहरण धमाकों के बीच मस्जिद में जारी नमाज़ के वीडियो में देखा गया।





