US-Israel और ईरान के बीच युद्ध में 193 बच्चों की गई जान, 8 महीने की बच्ची भी बनी शिकार
US और इजराइल की ओर से ईरान पर हो रहे हमलों में अब तक 193 बच्चों की जान जा चुकी है। ईरान सरकार के प्रवक्ता और स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, मरने वालों में सबसे छोटी उम्र की एक 8 महीने की बच्ची भी शामिल है। अब तक इस युद्ध में 1,255 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें 200 महिलाएं और कई मेडिकल स्टाफ भी शामिल हैं।
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मिनब के स्कूल पर हमला और ताजा हालात
28 फरवरी को मिनब में एक लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले में एक साथ 175 बच्चों की जान चली गई थी। UN मानवाधिकार कार्यालय ने इस घटना को बेहद भयानक बताया है और मामले की जांच की मांग की है। वहीं, अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio का कहना है कि अमेरिकी सेना जानबूझकर किसी स्कूल को निशाना नहीं बनाती है। ईरान में युद्ध के कारण पिछले 240 घंटों से इंटरनेट पूरी तरह बंद है। यह दुनिया के सबसे बड़े इंटरनेट शटडाउन में से एक माना जा रहा है।
युद्ध के लक्ष्य और अमेरिका का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्ध को बहुत जल्द खत्म होने वाला कदम बताया है। अमेरिका का दावा है कि उसने 5,000 से ज्यादा ठिकानों को हिट किया है और ईरान के 75 प्रतिशत मिसाइल लॉन्चर नष्ट कर दिए हैं। अमेरिका और इजराइल का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक प्रोग्राम को खत्म करना है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने साफ कर दिया है कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर उनके हमले सिर्फ आत्मरक्षा के लिए हैं और अभी युद्धविराम पर कोई बातचीत नहीं होगी।
तेल की कीमतों और अन्य क्षेत्रों पर असर
युद्ध की वजह से वैश्विक बाजार भी प्रभावित हुआ है। ट्रंप के जल्द युद्ध खत्म होने के बयान के बाद क्रूड ऑयल की कीमत करीब 120 डॉलर से गिरकर 91.50 डॉलर पर आ गई है। इसके अलावा युद्ध का असर लेबनान तक भी फैल रहा है, जहां इजरायली हवाई हमलों में कुछ लोगों की मौत हुई है। ईरान की राजधानी तेहरान के रिसालत स्क्वायर के पास हुए हमलों में करीब 40 लोगों की जान गई है।





