दिल्ली की सड़कों पर रेंगते ट्रैफिक और लंबे जाम से जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। पूर्वी दिल्ली से दक्षिण दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी को सुगम बनाने के लिए महत्वाकांक्षी बारापुला फ्लाईओवर फेज-3 परियोजना के निर्माण कार्य ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। लंबे समय से विभिन्न कारणों से अटकी इस परियोजना को अब नई गति मिली है और निर्माण कार्य युद्धस्तर पर आगे बढ़ रहा है। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल दैनिक यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि राजधानी के कई व्यस्त मार्गों पर वाहनों का दबाव भी काफी हद तक कम हो जाएगा।
परियोजना के निर्माण कार्य में आई तेजी, छह नए पिलर और स्लैब के सहारे पूरा होगा फ्लाईओवर का स्ट्रक्चर
अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना के लिए आवश्यक अनुमतियां प्राप्त होने के बाद निर्माण कार्य को दोबारा शुरू कर दिया गया है। इस महत्वपूर्ण चरण में छह नए पिलर (खंभे) खड़े किए जाएंगे, जो फ्लाईओवर के ढांचे को मजबूती देंगे। पिलर तैयार होने के बाद स्लैब डालने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे फ्लाईओवर का स्ट्रक्चर पूरी तरह से जुड़ जाएगा। प्रशासन का दावा है कि अब काम में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी और इसे जल्द से जल्द जनता के लिए समर्पित करने का प्रयास किया जा रहा है।
निर्माण को गति देने के लिए 250-250 मीटर के सेक्शन में बांटा गया काम, तकनीकी कार्य भी अंतिम चरण में
फ्लाईओवर के निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए एक विशेष रणनीति अपनाई गई है। इसके तहत पूरे काम को 250-250 मीटर के छोटे सेक्शन में बांटा गया है, ताकि हर हिस्से पर बारीकी और तेजी से काम हो सके। साइट पर कई जगहों पर कंक्रीटिंग, फिनिशिंग और अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य एक साथ चल रहे हैं। मौजूदा प्रगति को देखते हुए यह कहा जा रहा है कि परियोजना के अधिकांश हिस्से में काम अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जो दिल्लीवासियों के लिए राहत की खबर है।
महज 20 मिनट में पूरा होगा पूर्वी से दक्षिण दिल्ली का सफर, मयूर विहार से सराय काले खां तक सीधी बस सेवा की उम्मीद
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यात्रा के समय में भारी कटौती के रूप में मिलेगा। बारापुला फेज-3 के पूरा होने के बाद मयूर विहार फेज-1 (संभावित) से सराय काले खां तक सीधी बस सेवा का संचालन संभव हो पाएगा। वर्तमान में इस दूरी को तय करने में जहां 40 से 50 मिनट का समय लगता है और यात्रियों को कई जगहों पर जाम से जूझना पड़ता है, वहीं फ्लाईओवर शुरू होने के बाद यह सफर मात्र 20 मिनट में पूरा हो सकेगा। यह उन हजारों लोगों के लिए वरदान साबित होगा जो रोजाना काम के सिलसिले में पूर्वी और दक्षिण दिल्ली के बीच आवागमन करते हैं।
नोएडा और गाजियाबाद के यात्रियों को होगा सीधा फायदा, डीएनडी और आश्रम चौक पर ट्रैफिक के भारी दबाव से मिलेगी मुक्ति
बारापुला फेज-3 के शुरू होने का असर केवल एक रूट पर नहीं, बल्कि पूरे इलाके के ट्रैफिक मैनेजमेंट पर दिखाई देगा। इसके चालू होने से नोएडा, गाजियाबाद और पूर्वी दिल्ली से दक्षिण दिल्ली जाने वाले वाहनों की आवाजाही बेहद सुचारू हो जाएगी। सबसे बड़ी राहत डीएनडी फ्लाईवे, आश्रम चौक और आईटीओ जैसे व्यस्त इलाकों को मिलेगी, जहां पीक आवर्स में भीषण जाम लगता है। इस नए रूट के खुलने से इन प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव अपने आप कम हो जाएगा और वाहन चालकों को वैकल्पिक और तेज रास्ता मिल सकेगा।
साल 2014 में शुरू हुई थी परियोजना, कई बार डेडलाइन मिस होने के बाद अब जल्द पूरा होने की जगी उम्मीद
इस महत्वपूर्ण परियोजना का इतिहास काफी लंबा रहा है। इसकी आधारशिला सितंबर 2014 में रखी गई थी और अप्रैल 2015 में इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ था। शुरुआत में इसे पूरा करने के लिए वर्ष 2017 की समय सीमा तय की गई थी, लेकिन भूमि अधिग्रहण और अन्य तकनीकी कारणों से इसमें लगातार देरी होती रही। अब, जब बाधाएं दूर हो चुकी हैं और काम नए सिरे से तेज कर दिया गया है, तो उम्मीद जगी है कि दिल्लीवासी जल्द ही इस फर्राटेदार सफर का आनंद ले सकेंगे।




