Bihar Workers Training: विदेश जाने वाले कामगारों के लिए सरकार ने शुरू की मुफ्त ट्रेनिंग, इन 5 शहरों में लगेगा कैंप
बिहार से जो लोग विदेश, खास तौर पर खाड़ी देशों (Gulf Countries) में काम करने जाना चाहते हैं, उनके लिए काम की खबर है। बिहार सरकार का युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग अब ऐसे लोगों को विदेश जाने से पहले खास ट्रेनिंग दे रहा है। यह ट्रेनिंग बिल्कुल मुफ्त है और इसका मकसद कामगारों को दूसरे देश के नियमों और वहां के माहौल के लिए तैयार करना है। सरकार ने इसके लिए राज्य के पांच प्रमुख शहरों में सेंटर बनाए हैं जहां हर हफ्ते यह क्लास चलाई जा रही है।
किन शहरों में और किस दिन मिलेगी ट्रेनिंग?
यह ट्रेनिंग प्रोग्राम बिहार के पांच जिलों में चलाया जा रहा है। अगर आप मुजफ्फरपुर, गया, पटना, दरभंगा या पश्चिम चंपारण के आसपास रहते हैं, तो आप आसानी से इसका लाभ उठा सकते हैं। हर सेंटर के लिए एक दिन तय किया गया है ताकि भीड़ को मैनेज किया जा सके। नीचे दी गई टेबल में आप अपने नजदीकी सेंटर और समय की जानकारी देख सकते हैं।
| शहर (City) | दिन (Day) | स्थान (Location) |
|---|---|---|
| पटना | मंगलवार | नियोजन भवन, छठा तल, सी ब्लॉक |
| मुजफ्फरपुर | बुधवार | संयुक्त श्रम भवन |
| गया | शुक्रवार | संयुक्त श्रम भवन, केंदुई |
| दरभंगा | गुरुवार | संयुक्त श्रम भवन, रामनगर |
| बेतिया (प. चंपारण) | मंगलवार | जिला नियोजनालय, हॉस्पिटल रोड |
किन लोगों के लिए यह ट्रेनिंग जरूरी है?
यह ‘प्री-डिपार्चर ओरिएंटेशन ट्रेनिंग’ (PDOT) उन सभी लोगों के लिए अनिवार्य है जो ECR (Emigration Check Required) पासपोर्ट पर बाहर जा रहे हैं। इसमें सऊदी अरब, यूएई, कतर, ओमान, कुवैत और मलेशिया जैसे 18 देश शामिल हैं। इन देशों में नौकरी के लिए जाने वाले कामगारों को सरकार की तरफ से यह एक दिन का कोर्स कराया जाता है।
इसके लिए आपको pdot.mea.gov.in पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। ट्रेनिंग में आपको विदेश में काम करने के अधिकार, लेबर लॉ और वहां की संस्कृति के बारे में बताया जाता है। साथ ही प्रवासी भारतीय बीमा योजना (PBBY) जैसी सुविधाओं की जानकारी भी दी जाती है।
संपर्क कैसे करें और क्या है नया अपडेट?
विभाग ने हेल्प के लिए कुछ अधिकारियों के नंबर जारी किए हैं। पटना के लिए आप 9507851379 और गया के लिए 7051821221 पर बात कर सकते हैं। हाल ही में विभाग में कुछ प्रशासनिक बदलाव भी हुए हैं, जिससे काम में और तेजी आने की उम्मीद है।
विभाग के मंत्री और अधिकारियों ने साफ किया है कि इस ट्रेनिंग की क्वालिटी से कोई समझौता नहीं होगा। इसका सीधा मकसद बिहार के मजदूरों को विदेश में सुरक्षित रखना और उन्हें धोखाधड़ी से बचाना है। अगर आप भी विदेश जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो अपने नजदीकी सेंटर पर जरूर संपर्क करें।




