Strait of Hormuz: ब्रिटेन ने अमेरिका के साथ मिलाया हाथ, समुद्री रास्ता खोलने के लिए भेजी सैन्य टीम
ब्रिटेन ने Strait of Hormuz में जारी तनाव को देखते हुए अपने सैन्य अधिकारियों की एक टीम अमेरिका भेजी है। यह टीम अमेरिकी सेना के साथ मिलकर इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को फिर से खोलने की योजना पर काम करेगी। ब्रिटेन की सरकार ने 19 मार्च 2026 को इस फैसले की पुष्टि की। इस कदम का मकसद अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को सुरक्षित बनाना और ईरान के संभावित खतरों से निपटना है।
ℹ️: ईरान में बड़े नेताओं की हत्या के बाद बदला नेतृत्व, मुजतबा खामेनेई बने नए सुप्रीम लीडर।
ब्रिटेन और अमेरिका की इस साझा योजना में क्या खास है?
ब्रिटिश मिलिट्री प्लानर्स को फ्लोरिडा में अमेरिकी सेंट्रल कमांड के हेडक्वार्टर भेजा गया है। यहां वे अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर एक सामूहिक रणनीति तैयार करेंगे। ब्रिटिश प्रधानमंत्री Keir Starmer ने बताया कि उनका देश अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। सरकार का कहना है कि यह मिशन काफी पेचीदा है और ब्रिटेन किसी बड़े युद्ध में सीधे तौर पर नहीं उलझना चाहता।
Strait of Hormuz में सुरक्षा को लेकर क्या हैं बड़े खतरे?
डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस रास्ते को खोलना एक मुश्किल सैन्य ऑपरेशन हो सकता है। यहां सुरक्षा के सामने कई बड़ी चुनौतियां खड़ी हैं।
- ईरान के पास इस इलाके में तेज रफ्तार हमलावर नावें और आधुनिक ड्रोन मौजूद हैं।
- समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगें और बैलिस्टिक मिसाइलें जहाजों के लिए बड़ा खतरा हैं।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अन्य देशों से भी इस गठबंधन में शामिल होने की अपील की है।
- फ्रांस, इटली और नीदरलैंड जैसे देशों ने सुरक्षा में मदद की बात कही है लेकिन सैन्य तैनाती पर अभी फैसला नहीं लिया है।
सऊदी अरब ने भी इस स्थिति को देखते हुए अपनी तैयारी पूरी कर ली है। सऊदी प्रशासन ने लाल सागर के जरिए तेल की सप्लाई जारी रखने के लिए पाइपलाइन का उपयोग बढ़ा दिया है ताकि व्यापार पर असर न पड़े।




