बजट 2026: आम आदमी के लिए क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा, देखें पूरी लिस्ट
आम बजट का इंतजार हर वर्ग को रहता है, क्योंकि इसका सीधा असर आम आदमी की रसोई से लेकर उसकी भविष्य की योजनाओं पर पड़ता है। वित्त वर्ष 2026 के लिए पेश किए गए बजट में सरकार ने मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को राहत देने के साथ-साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। संसद में वित्त मंत्री के भाषण के बाद यह तस्वीर साफ हो गई है कि आने वाले दिनों में आपकी जेब पर कितना भार पड़ने वाला है और किन चीजों के लिए आपको कम पैसे खर्च करने होंगे।
मोबाइल फोन और चार्जर समेत इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के शौकीनों के लिए अच्छी खबर, कस्टम ड्यूटी में कटौती से घटेंगे दाम
टेक्नोलॉजी के इस दौर में सरकार ने ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने के लिए मोबाइल फोन और उसके पुर्जों पर लगने वाले सीमा शुल्क (Customs Duty) में कटौती का ऐलान किया है। इसका सीधा असर स्मार्टफोन की कीमतों पर पड़ेगा। बजट प्रस्तावों के अनुसार, न केवल मोबाइल फोन बल्कि मोबाइल चार्जर, एडाप्टर और कुछ वियरेबल डिवाइसेस (जैसे स्मार्टवॉच) सस्ते होंगे। हालांकि, विदेश से आयातित (Imported) हाई-एंड लैपटॉप और कंप्यूटर के लिए आपको थोड़ी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है, क्योंकि सरकार घरेलू उत्पादन को प्राथमिकता दे रही है।
सोना-चांदी की चमक हुई और भी ज्यादा तेज, ज्वैलरी खरीदने वालों को मिली मामूली राहत लेकिन प्लेटिनम हुआ महंगा
भारतीय परिवारों में शादी-ब्याह के लिए सोने-चांदी की खरीदारी बहुत अहम होती है। इस बजट में कीमती धातुओं पर लगने वाले शुल्क में थोड़ा बदलाव किया गया है, जिससे सोने और चांदी की कीमतें थोड़ी नरम हो सकती हैं। यह खबर उन लोगों के लिए राहत भरी है जो लंबे समय से ज्वैलरी खरीदने का प्लान बना रहे थे। वहीं दूसरी तरफ, प्लेटिनम और डायमंड से जुड़ी कुछ विशेष कैटेगरी की ज्वैलरी पर टैक्स बढ़ने से ये आइटम महंगे हो सकते हैं।
इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना होगा अब और भी किफायती, लिथियम आयन बैटरी के आयात पर छूट से कम होंगी कारों की कीमतें
पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए सरकार का पूरा जोर ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) पर है। बजट 2026 में इलेक्ट्रिक गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाली बैटरी और उसके कच्चे माल पर आयात शुल्क घटाया गया है। इससे इलेक्ट्रिक स्कूटर और कारें सस्ती होंगी। इसके विपरीत, प्रदूषण फैलाने वाले पुराने डीजल वाहनों और कुछ लक्जरी पेट्रोल गाड़ियों पर अतिरिक्त सेस लगने से उनकी कीमतें बढ़ सकती हैं। सरकार का यह कदम साफ तौर पर लोगों को क्लीन एनर्जी की तरफ शिफ्ट होने का संकेत देता है।
सिगरेट और तंबाकू उत्पादों के सेवन पर फिर चली सरकार की कैंची, टैक्स बढ़ने से अब पहले से ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी जेब
हर बजट की तरह इस बार भी ‘सिन गुड्स’ (Sin Goods) यानी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों पर सरकार ने सख्ती दिखाई है। सिगरेट, तंबाकू और पान मसाला जैसे उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी की गई है, जिससे ये सभी चीजें महंगी हो गई हैं। इसके अलावा, विदेश से आने वाली शराब पर भी टैक्स बढ़ा है। सरकार का तर्क है कि इन चीजों के दाम बढ़ाने से न केवल राजस्व में बढ़ोतरी होती है, बल्कि लोगों को इनके सेवन से हतोत्साहित करने में भी मदद मिलती है।
रसोई का बजट संभालने वाली गृहिणियों के लिए मिला-जुला असर, सोलर इक्विपमेंट सस्ते तो कुछ प्लास्टिक प्रोडक्ट्स हुए महंगे
रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने वाली चीजों पर नजर डालें तो सोलर पैनल और सोलर लैंप सस्ते होंगे, जिससे बिजली का बिल कम करने में मदद मिलेगी। कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कुछ विशेष टेक्सटाइल कच्चे माल पर भी शुल्क कम किया गया है, जिससे कपड़े किफायती हो सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, प्लास्टिक से बने कुछ इम्पोर्टेड खिलौने और प्लास्टिक के फैंसी बटन जैसे सामान महंगे हो सकते हैं। कुल मिलाकर, यह बजट तकनीक और ग्रीन एनर्जी को सस्ता करने वाला है, जबकि व्यसन और विलासिता की चीजों पर खर्च बढ़ाएगा।
