UAE सरकार का बड़ा फैसला, अब दवाओं की मोनोपोली होगी खत्म, मरीजों को मिलेगा सीधा फायदा
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और आम लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी एक बहुत ही राहत भरी खबर आई है। UAE सरकार ने दवा बाजार में कंपनियों के एकाधिकार यानी मोनोपोली को खत्म करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। Emirates Drug Establishment (EDE) ने साफ कर दिया है कि अब दवा कंपनियों को एक ही प्रोडक्ट के लिए एक से ज्यादा एजेंट रखने होंगे। यह नया नियम 24 फरवरी 2026 से लागू कर दिया गया है।
क्या है दवा सप्लाई का नया नियम?
पहले के नियमों के मुताबिक, किसी विदेशी दवा कंपनी का UAE में सिर्फ एक ही अधिकृत एजेंट होता था। इससे उस एजेंट का बाजार पर पूरा कब्जा रहता था और कभी-कभी सप्लाई में दिक्कत भी आती थी। अब Federal Decree-Law No. (38) of 2024 के तहत कंपनियों को अपने मेडिकल प्रोडक्ट्स के लिए एक से ज्यादा ऑथराइज्ड एजेंट नियुक्त करना अनिवार्य कर दिया गया है।
EDE के चेयरमैन Saeed bin Mubarak Al Hajeri ने बताया कि यह फैसला देश के फार्मास्युटिकल इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए लिया गया है। इससे सप्लाई चैन में विविधता आएगी और किसी एक सप्लायर पर निर्भरता खत्म हो जाएगी।
आम आदमी और प्रवासियों को इससे क्या फायदा होगा?
जब बाजार में एक ही दवा को बेचने वाले कई लोग होंगे, तो इसका सीधा फायदा आम जनता को मिलता है। EDE की डायरेक्टर जनरल Fatima Al Kaabi ने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से लिया गया फैसला है। इससे निम्नलिखित फायदे होने की उम्मीद है:
- सस्ती दवाएं: अलग-अलग एजेंट होने से प्रतियोगिता बढ़ेगी, जिससे दवाओं की कीमतें कम हो सकती हैं।
- आसानी से उपलब्धता: अगर एक एजेंट के पास स्टॉक खत्म होता है, तो दूसरे के पास दवा मिल जाएगी।
- हर जगह सप्लाई: दूर-दराज के इलाकों या अमीरात के अलग-अलग हिस्सों में दवाओं की कमी नहीं होगी।
- बेहतर विकल्प: मरीजों और डॉक्टरों के पास एक ही इलाज के लिए ज्यादा और बेहतर विकल्प मौजूद होंगे।




