आजकल के दैनिक जीवन में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल जरूर से ज्यादा बढ़ चुका है और भविष्य में इसके और बढ़ाने की संभावनाएं हैं। क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल करने के दौरान लोग अक्सर कई गलतियां कर बैठते हैं जिसमें मुख्य रूप से उनका सिबिल स्कोर प्रभावित होता है.

 

अगर आप भी अपने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल दैनिक शॉपिंग से लेकर अन्य जगहों पर कर रहे हैं तो क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले लिमिट और एक्सपेंस रेशों का ध्यान रखें क्योंकि इसको लेकर सिविल स्कोर प्रभावित हो सकता है. इस बारे में पूरी जानकारी हमने Point Wise ढंग से आपके लिए लाया है.

 

क्रेडिट कार्ड बैलेंस और क्रेडिट स्कोर पर उसके प्रभाव.

  • क्रेडिट स्कोर पर प्रभाव: पूरी क्रेडिट लिमिट का इस्तेमाल न करें, इससे क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो बढ़ता है, जो नकारात्मक रूप से क्रेडिट स्कोर को प्रभावित करता है।
  • क्रेडिट लिमिट में कटौती: बार-बार बैलेंस जीरो करने से बैंक क्रेडिट लिमिट कम कर सकते हैं, जो सीधे क्रेडिट स्कोर को प्रभावित करता है।
  • वित्तीय इमेज पर प्रभाव: लगातार बैलेंस जीरो करने से कार्डधारक की वित्तीय छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
  • कैश लिमिट का महत्व: क्रेडिट कार्ड की कैश लिमिट का बैलेंस भी जीरो नहीं होना चाहिए, इससे क्रेडिट स्कोर प्रभावित हो सकता है।
  • लोन लेने में दिक्कत: अगर क्रेडिट और कैश लिमिट बार-बार जीरो होती है, तो भविष्य में लोन लेने में कठिनाई हो सकती है।
Lov Singh

बिहार से हूँ। बिहार होने पर गर्व हैं। फर्जी ख़बरों की क्लास लगाता हूँ। प्रवासियों को दोस्त हूँ। भारत मेरा सबकुछ हैं। Instagram पर @nyabihar तथा lov@gulfhindi.com पर संपर्क कर सकते हैं।