दिल्ली एयरपोर्ट पर T1 से T3 जाना होगा आसान, बिना दोबारा जांच कराए मिलेगी सीधी बस सर्विस, मार्च से शुरू होगी नई व्यवस्था
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGIA) पर यात्रियों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। अगर आपको टर्मिनल 1 (T1) और टर्मिनल 3 (T3) के बीच फ्लाइट बदलनी है, तो अब एयरपोर्ट से बाहर निकलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एयरपोर्ट ऑपरेटर DIAL ने इसके लिए BCAS और DGCA से मंजूरी मांगी है। यह नई व्यवस्था मार्च 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है। इससे कनेक्टिंग फ्लाइट वाले यात्रियों का समय और मेहनत दोनों बचेगी।
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क्या है नया ‘Airside Transfer’ प्लान?
अभी तक डोमेस्टिक से इंटरनेशनल फ्लाइट लेने वाले यात्रियों को T1 से T3 जाने के लिए टर्मिनल से बाहर निकलकर सड़क के रास्ते जाना पड़ता है। इसमें दोबारा सिक्योरिटी चेक कराना होता है जिसमें काफी समय लगता है। नई योजना के तहत, यात्रियों को रनवे के किनारे सुरक्षित क्षेत्र (Airside) से ही बस द्वारा एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल ले जाया जाएगा।
यह दूरी करीब 8 किलोमीटर है। इस नई बस सर्विस के शुरू होने से यात्रियों को ‘लैंडसाइड’ यानी आम पब्लिक एरिया में नहीं आना पड़ेगा। वे सीधे सिक्योरिटी एरिया के अंदर ही एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल पहुंच जाएंगे। इसके लिए विशेष बसों का इंतजाम किया जा रहा है।
मार्च से शुरू हो सकती है सुविधा, जानिए नियम
DIAL ने इस प्लान के लिए सुरक्षा मंजूरी के लिए आवेदन कर दिया है। मंजूरी मिलते ही मार्च 2026 तक यह बस सेवा शुरू हो जाएगी। इसके लिए कुछ खास नियम बनाए गए हैं:
- यात्रियों के पास कनेक्टिंग फ्लाइट का उसी दिन का बोर्डिंग पास होना जरूरी होगा।
- चूंकि बसें विमानों के रास्ते (Taxiways) को पार करेंगी, इसलिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम होंगे।
- सामान (Baggage) को भी सीधे T1 से T3 ट्रांसफर करने के लिए एक नए सिस्टम पर काम चल रहा है, ताकि यात्रियों को बार-बार बैग न लेना पड़े।
T3 का Pier C बनेगा इंटरनेशनल विंग
एयरपोर्ट पर सुविधाओं को बढ़ाने के लिए टर्मिनल 3 का ‘Pier C’ मार्च से पूरी तरह इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए तैयार हो जाएगा। अभी तक इसका इस्तेमाल मिक्स तौर पर होता था। इससे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को ज्यादा जगह और सुविधा मिलेगी।
किराये की बात करें तो एयरसाइड बस सर्विस का किराया अभी घोषित नहीं किया गया है। अभी लैंडसाइड मेट्रो फीडर बस का किराया 40 रुपये है। इसके अलावा, आने वाले समय में इंटरनेशनल और डोमेस्टिक यात्रियों के लिए यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) में भी थोड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। एयर इंडिया और इंडिगो जैसी एयरलाइंस भी इस बदलाव का समर्थन कर रही हैं ताकि उनके यात्रियों को आसानी हो।




