Donald Trump का बड़ा बयान: मिडिल ईस्ट से कम होगी अमेरिकी सेना, हॉर्मुज की सुरक्षा पर दिया नया अपडेट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे तनाव और मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को लेकर बड़े संकेत दिए हैं। ट्रंप का कहना है कि वे अपने सैन्य लक्ष्यों को प्राप्त करने के बेहद करीब हैं और अब इस क्षेत्र में अपने बड़े सैन्य प्रयासों को कम करने पर विचार कर रहे हैं। इस बयान से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापारिक क्षेत्र में नई हलचल शुरू हो गई है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने जोर देकर कहा कि जो देश हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें इसकी सुरक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी खुद उठानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कोई देश मदद मांगता है तो अमेरिका सहायता के लिए तैयार है। ट्रंप के अनुसार, एक बार ईरान का खतरा पूरी तरह समाप्त हो गया तो इस रास्ते की सुरक्षा की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को अब हॉर्मुज से आने वाले तेल की उतनी जरूरत नहीं है जितनी पहले हुआ करती थी।
ईरान युद्ध और NATO के रुख पर ताजा अपडेट
युद्ध खत्म करने की टाइमिंग पर ट्रंप ने कहा कि यह फैसला इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मिलकर लिया जाएगा। ट्रंप ने NATO की आलोचना करते हुए उसे एक कमजोर गठबंधन बताया क्योंकि कई सहयोगियों ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में शामिल होने से हाथ पीछे खींच लिए हैं। वहीं दूसरी तरफ ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और जापान जैसे देशों ने हॉर्मुज में जहाजों के सुरक्षित मार्ग के लिए अपना सहयोग देने की बात कही है।
| देश/संगठन | मौजूदा रुख और बयान |
|---|---|
| Donald Trump | मिडिल ईस्ट में सेना कम करने और लक्ष्यों के करीब होने का दावा किया |
| NATO | सैन्य अभियान में शामिल होने से इनकार किया जिसे ट्रंप ने कायरता बताया |
| 6 प्रमुख देश | ब्रिटेन और जापान समेत 6 देश हॉर्मुज की सुरक्षा में मदद को तैयार हैं |
| Iran | हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने पर कर रहा विचार |




