Dubai में हवा में ही नष्ट किया गया हमला, नीचे गिरा मलबा, वीडियो बनाने पर लगेगा 2 लाख का जुर्माना
Dubai में शनिवार, 7 मार्च 2026 को सुरक्षा से जुड़ी एक अहम घटना सामने आई है। Dubai Media Office ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि शहर में एयर डिफेंस सिस्टम ने एक हवाई खतरे को कामयाबी के साथ रोक दिया। इस कार्यवाही के दौरान हवा में ही खतरे को नष्ट कर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप एक सीमित इलाके में मलबा (Shrapnel) गिरा है। राहत की बात यह है कि अधिकारियों ने साफ किया है कि इस घटना में किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई है और न ही कोई बड़ा नुकसान हुआ है।
क्या है पूरा मामला और फ्लाइट्स का स्टेटस?
UAE Ministry of Defence द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 7 मार्च तक पिछले 24 घंटों में डिफेंस सिस्टम ने 6 बैलिस्टिक मिसाइल और 125 ड्रोन को हवा में ही नष्ट किया है। शहर में कुछ जगहों पर जो धुआं देखा गया, वह इसी इंटरसेप्शन के कारण था। सोशल मीडिया पर Dubai Airport पर सीधे हमले की कुछ अफवाहें उड़ रही थीं, जिसे सरकार ने पूरी तरह गलत बताया है।
दुबई में रहने वाले भारतीयों और वहां जाने वाले यात्रियों के लिए यह जानना जरूरी है कि Dubai International Airport (DXB) और Al Maktoum Airport (DWC) पर कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है। Flightradar24 के डेटा से पता चला है कि सुरक्षा जांच के दौरान कुछ विमानों को हवा में होल्डिंग पैटर्न में रखा गया था, जिससे यात्रियों को मामूली देरी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन फ्लाइट्स का संचालन जारी है।
नियम तोड़ने वालों को देनी पड़ेगी भारी कीमत
प्रशासन ने आम जनता और प्रवासियों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। सुरक्षा से जुड़ी किसी भी घटना, मिलिट्री एक्टिविटी या इंटरसेप्शन का वीडियो बनाना और फोटो खींचना सख्त मना है। ऐसा करने पर आप बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं।
- भारी जुर्माना: मिलिट्री मूवमेंट या घटना का वीडियो शेयर करने पर कम से कम 200,000 AED (लाखों रुपये) का जुर्माना लग सकता है।
- जेल की सजा: अफवाह फैलाने या संवेदनशील कंटेंट साझा करने पर 2 साल तक की जेल हो सकती है।
- सावधानी: अगर आपको जमीन पर कोई धातु का टुकड़ा या मलबा दिखता है, तो उससे दूर रहें क्योंकि उसमें खतरनाक पदार्थ हो सकते हैं। उसे छूने के बजाय तुरंत 999 पर कॉल करें।
National Emergency Crisis and Disasters Management Authority (NCEMA) ने लोगों को सलाह दी है कि ऐसे अलर्ट के समय घर के अंदर ही रहें और वॉट्सऐप पर आने वाली खबरों के बजाय सिर्फ सरकारी बयानों पर भरोसा करें।





