Dubai New Housing Law: दुबई में शेयर्ड रूम और पार्टीशन में रहने वालों के लिए नया नियम जारी, जानिए क्या बदला
दुबई में रहने वाले प्रवासियों, खासकर भारत और अन्य दक्षिण एशियाई देशों से गए लोगों के लिए एक बहुत जरूरी खबर है। 11 मार्च 2026 को दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने शेयर्ड हाउसिंग यानी साझा आवास को लेकर एक नया कानून जारी किया है। इस नए ‘लॉ नंबर 4 ऑफ 2026’ का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो दुबई में फ्लैट शेयर करके या पार्टीशन में रहते हैं। इस नियम का मकसद कमरों में होने वाली भारी भीड़भाड़ को रोकना, अवैध सब-लेटिंग पर लगाम कसना और किराएदारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
नए कानून में क्या-क्या मुख्य बातें हैं?
- यह नियम दुबई के प्राइवेट डेवलपमेंट जोन और फ्री जोन (जैसे DIFC) में लागू होगा। लेबर अकोमोडेशन (लेबर कैंप) को इस कानून से बाहर रखा गया है।
- अब मकान मालिकों और मैनेजमेंट कंपनियों को शेयरिंग में रूम या बेड स्पेस देने के लिए दुबई म्युनिसिपैलिटी के यूनिफाइड डिजिटल प्लेटफॉर्म से आधिकारिक परमिट लेना अनिवार्य होगा।
- दुबई म्युनिसिपैलिटी ही यह तय करेगी कि एक फ्लैट या कमरे में अधिकतम कितने लोग रह सकते हैं और प्रति व्यक्ति न्यूनतम कितनी जगह होनी चाहिए।
- शेयरिंग वाले घरों में किचन और बाथरूम जैसी सुविधाओं के लिए भी नए स्टैंडर्ड तय किए गए हैं ताकि लोग साफ और सुरक्षित माहौल में रह सकें।
Ejari रजिस्ट्रेशन और बिल्डिंग सेफ्टी के नए नियम
- दुबई लैंड डिपार्टमेंट (DLD) अब एक नया ‘शेयर्ड हाउसिंग रजिस्ट्री’ बनाएगा जिसे Ejari सिस्टम से सीधा जोड़ा जाएगा। इसका मतलब है कि पार्टीशन या शेयर्ड रूम में रहने वाले हर व्यक्ति का रिकॉर्ड कानूनी तौर पर दर्ज होगा।
- इससे उन प्रवासियों को फायदा होगा जो अक्सर अनौपचारिक तौर पर बिना किसी रसीद के किराया देते हैं। अब सब कुछ सिस्टम में दर्ज होने से पारदर्शिता आएगी।
- शेयर्ड हाउसिंग के साथ-साथ 10 मार्च 2026 को बिल्डिंग सेफ्टी (Law No. 3) का नियम भी लाया गया है। इसके तहत बिल्डिंग की मेंटेनेंस सही न होने पर 100 से लेकर 10 लाख दिरहम तक का जुर्माना लग सकता है।
- नियम बार-बार तोड़ने पर यह जुर्माना 20 लाख दिरहम तक जा सकता है। अब हर बिल्डिंग को लाइसेंस प्राप्त इंजीनियरिंग फर्म से जांच करवाकर ‘क्वालिटी एंड सेफ्टी सर्टिफिकेट’ लेना भी अनिवार्य कर दिया गया है।




