Oil Price Update: अमेरिका-ईरान युद्ध से कच्चे तेल के दाम में 5.1% का उछाल, भाव 92 डॉलर के पार
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर अब दुनिया भर के बाजारों पर साफ दिखने लगा है. कच्चे तेल (crude oil) की कीमतों में अचानक 5.1 प्रतिशत की बड़ी तेजी दर्ज की गई है. ग्लोबल मार्केट में यह भाव 92.23 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है. इस संघर्ष के कारण खाड़ी देशों से होने वाली तेल की सप्लाई पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है.
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कच्चे तेल की कीमतों में क्यों आ रहा है इतना बड़ा उछाल
बीते 28 फरवरी 2026 को जब से यह युद्ध शुरू हुआ है तब से तेल के दाम 70 डॉलर से उछल कर कई बार 120 डॉलर तक जा चुके हैं. ताजा जानकारी के अनुसार ईरान ने ‘Strait of Hormuz’ को व्यापारिक जहाजों के लिए बंद कर दिया है.
पूरी दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है. ईरान के इस कड़े कदम के बाद अमेरिकी सेना ने इस रास्ते पर 16 ईरानी माइनलेयर्स को नष्ट कर दिया है.
लगातार हो रहे हवाई हमलों और सऊदी अरब के तेल क्षेत्रों (oilfields) पर हुई नई स्ट्राइक के कारण बाजार में काफी डर का माहौल बन गया है.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने साफ कर दिया है कि उनका देश किसी भी अमेरिकी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार है.
तेल की कीमतों को काबू में करने के लिए क्या उठाये जा रहे हैं कदम
बाजार में तेल की कमी को पूरा करने के लिए OPEC+ समूह ने बड़ा फैसला लिया है. सऊदी अरब और रूस जैसे देशों वाले इस समूह ने तय किया है कि वे अप्रैल से हर दिन 2,06,000 बैरल ज्यादा तेल का उत्पादन करेंगे.
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) भी बाजार को स्थिर करने के लिए अपने इमरजेंसी रिजर्व से बड़ी मात्रा में तेल निकालने पर गंभीरता से विचार कर रही है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को सख्त चेतावनी दी है. साथ ही उन्होंने कहा है कि आम लोगों को महंगे तेल से बचाने के लिए वे तेल से जुड़ी कुछ पाबंदियों में छूट दे सकते हैं.
व्हाइट हाउस की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि फिलहाल कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा के लिए अमेरिकी नौसेना को तैनात नहीं किया गया है पर बाजार को स्थिर रखने के सभी विकल्पों पर नजर रखी जा रही है.




