दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से न्यूकैसल के लिए उड़ी एमिरेट्स की फ्लाइट EK35 को खराब मौसम के कारण भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ा। यह घटना 27 जनवरी 2026 की है जब तूफ़ान चंद्रा के कारण ब्रिटेन में मौसम बहुत खराब था। तेज़ हवाओं और बारिश की वजह से पायलट को विमान का रास्ता बदलना पड़ा और एडिनबर्ग में उतारना पड़ा।
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दो बार लैंडिंग में फेल होने पर लिया गया फैसला
न्यूकैसल एयरपोर्ट पर जब विमान पहुंचा तो वहां हवा की गति बहुत तेज़ थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक हवा के झोंके 29 नॉट तक पहुंच रहे थे और बारिश के कारण विजिबिलिटी घटकर 4500 मीटर रह गई थी। पायलट ने दो बार लैंडिंग की कोशिश की, जिसे एविएशन की भाषा में ‘गो-अराउंड’ कहते हैं। जब दोनों बार लैंडिंग सुरक्षित नहीं लगी, तो विमान को करीब 20 मिनट तक हवा में ही चक्कर लगाने पड़े।
इमरजेंसी सिग्नल और एडिनबर्ग डायवर्जन
बार-बार कोशिश करने के कारण विमान में ईंधन यानी फ्यूल कम होने की स्थिति बन गई। पायलट ने तुरंत Squawk 7700 कोड एक्टिवेट किया जो एक जनरल इमरजेंसी सिग्नल होता है। इसके बाद विमान को उत्तर दिशा में एडिनबर्ग की ओर मोड़ा गया। वहां रनवे 06 पर दोपहर करीब 12:05 बजे (GMT) सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। अच्छी बात यह रही कि इस दौरान किसी भी यात्री या क्रू को चोट नहीं आई।
बाद में पूरी हुई यात्रा
एडिनबर्ग में उतरने के बाद विमान करीब 2 घंटे तक जमीन पर रहा। जब मौसम और स्थिति सामान्य हुई, तो विमान ने वापस न्यूकैसल के लिए उड़ान भरी। कुल मिलाकर यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचने में करीब सवा तीन घंटे की देरी का सामना करना पड़ा। यूके के मौसम विभाग ने पहले ही तूफ़ान चंद्रा को लेकर चेतावनी जारी की थी जिसमें 60 मील प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने की बात कही गई थी।




