अगर प्रवासी कामगारों को नीचा या छोटा समझते हो तो तुम नीच हो “इनके हिम्मत, पसीने और मेहनत किसी की मोहताज नही”
अरब में सब अरबियों के मकान तो हैं, पर सब मकानों को घर प्रवासी कामगारों ने बनाया हैं. सऊदी अरब हो या संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत हो या क़तर हर घर में आपको एक pप्रवासी कामगार ज़रूर मिल जाएगा, चाहे वह खाना बनाता हो यह साफ सफाई का ध्यान रखता हो, या उनके बच्चों के ख्याल रखने के लिए अपनी जिंदगी रोज दाव पर क्यों ना लगाता हों.

अक्सर आप मध्य पूर्व एशिया में कामगारों के साथ हुई ज्यादती के बारे में खूब पढ़ते होंगे या सुनते होंगे लेकिन यह काम का किस प्रकार हिफाजत करते हैं इस की कहानियां आप शायद काफी कम ही जानते होंगे.
यह प्रवासी कामगार जब अपना घर परिवार चलाने के लिए अपना ही घर परिवार छोड़कर नए घर को अपना घर बना कर और पूरे दिल से काम करते हैं तो चाहे यह कामगार कहीं के क्यों ना हो उनको पिक्चर देना हमारा भी धर्म बनता है.
लेबनान में हुई घटना की जानकारी तो आपको होगी, लेकिन उसी घटना के बीच 1 प्रवासी कामगार ने अपने मालिक के बच्चों को कुछ ऐसे बचाया कि देखकर आप ही कहेंगे और फ़क्र करेंगे कि जो पैसे मेहनत करके आप घर भेजते हैं उस एक एक पैसे का हिसाब आपका ईमान पसीना और मेहनत जानता है.
ऐसे कामगार के लिए हमारा सलाम, और आप सब कामगार भाई को हमारी ढेरों प्रेम.
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