Private Employees: अब 1 दिन PF कटने पर भी परिवार को मिलेगी पेंशन, पत्नी-बच्चों को लाभ
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के दायरे में आने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए एक बेहद राहत देने वाली खबर सामने आई है। ईपीएफओ के नियमों के तहत अब कर्मचारियों के परिवार की सामाजिक सुरक्षा को और अधिक मजबूत कर दिया गया है। यदि किसी कर्मचारी का पीएफ खाते में केवल एक दिन का भी अंशदान (Contribution) जमा हुआ है और नौकरी के दौरान उसकी मृत्यु हो जाती है, तो भी उसके परिवार को पारिवारिक पेंशन का पूर्ण अधिकार मिलेगा। यह सुविधा ईपीएस-95 (Employee Pension Scheme 1995) के तहत प्रदान की जा रही है, जिसका उद्देश्य कर्मचारी के न रहने पर उसके आश्रितों को आर्थिक संबल प्रदान करना है।
सेवा अवधि कम होने के बावजूद पत्नी और बच्चों को मिलेगा पूरा आर्थिक सुरक्षा कवच
ईपीएफओ के नियमों के मुताबिक, पारिवारिक पेंशन का लाभ लेने के लिए अब लंबी सेवा अवधि की बाध्यता नहीं है। नामांकित कर्मचारी की मृत्यु होने की स्थिति में उसकी पत्नी, बच्चे या फिर आश्रित माता-पिता पेंशन के हकदार होंगे। चाहे कर्मचारी ने बहुत ही कम समय के लिए पीएफ में योगदान दिया हो, ईपीएफओ उसके परिवार को खाली हाथ नहीं छोड़ेगा। यह नियम अनिश्चितताओं के बीच नौकरीपेशा वर्ग के परिवारों के लिए एक बड़ी सुरक्षा गारंटी की तरह है।
पत्नी को आजीवन और बच्चों को 25 साल की उम्र तक मिलती रहेगी निर्धारित पेंशन राशि
पारिवारिक पेंशन के वितरण को लेकर भी नियम पूरी तरह स्पष्ट हैं। मृत कर्मचारी की पत्नी को आजीवन या उसके पुनर्विवाह तक पेंशन दी जाएगी। इसके साथ ही, परिवार के अधिकतम दो बच्चों को 25 वर्ष की आयु पूरी करने तक पेंशन का लाभ मिलेगा। बच्चों को मिलने वाली यह राशि मुख्य पेंशन का 25 प्रतिशत (प्रति बच्चा) होती है। यदि दुर्भाग्यवश कर्मचारी की पत्नी या बच्चे नहीं हैं, तो जीवित माता-पिता को पेंशन का अधिकार दिया जाएगा। पेंशन की गणना कर्मचारी के अंतिम वेतन और उसकी सेवा अवधि के आधार पर होती है। फिलहाल नियमों के तहत पारिवारिक पेंशन की न्यूनतम राशि 1,000 रुपये प्रतिमाह तय है, जो वेतन और सेवा शर्तों के आधार पर अधिकतम 6,000 से 7,000 रुपये प्रतिमाह तक हो सकती है।
पेंशन का लाभ निर्बाध पाने के लिए फॉर्म-10D और नॉमिनी का अपडेट होना अनिवार्य
इस योजना का लाभ सही समय पर मिले, इसके लिए ईपीएफओ ने कुछ कागजी प्रक्रियाओं को अनिवार्य बताया है। पेंशन का दावा करने के लिए फॉर्म-10D भरना जरूरी है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कर्मचारी के पीएफ रिकॉर्ड में नॉमिनी (Nominee) की जानकारी बिल्कुल सही और अपडेट होनी चाहिए। ईपीएफओ रिकॉर्ड में परिवार का विवरण दर्ज होना आवश्यक है। यदि नॉमिनी का नाम नहीं है या केवाईसी (KYC) अधूरी है, तो संकट के समय परिवार को पेंशन मिलने में अनावश्यक देरी या परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
औद्योगिक क्षेत्रों में लगाए जा रहे विशेष कैंप, अप्रैल तक दस्तावेज दुरुस्त करने की सलाह
योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए ईपीएफओ द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों में विशेष जागरूकता कैंप लगाए जा रहे हैं। इन कैंपों में कर्मचारियों को पेंशन, ई-नॉमिनेशन और अन्य लाभों की जानकारी दी जा रही है। कर्मचारियों को विशेष रूप से सलाह दी गई है कि वे अप्रैल तक अपना नामांकन और केवाईसी अपडेट जरूर करा लें। यह समयसीमा इसलिए महत्वपूर्ण है ताकि भविष्य में किसी तकनीकी खामी के कारण परिवार को भटकना न पड़े और उन्हें उनका अधिकार आसानी से मिल सके।





