Iran War Update: ईरान में नए सुप्रीम लीडर का ऐलान, तेहरान में ज़हरीली बारिश और खाड़ी देशों में गहराया जल संकट
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध ने खाड़ी क्षेत्र में बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। 9 मार्च 2026 को ईरान में नए सुप्रीम लीडर की घोषणा की गई है। वहीं, हमलों के कारण तेहरान में ज़हरीली ‘काली बारिश’ हो रही है जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इसके अलावा, बहरीन और ईरान के वाटर प्लांट पर हुए हमलों से पूरे खाड़ी क्षेत्र में पानी का भारी संकट पैदा हो गया है जिसका सीधा असर वहां रहने वाले आम लोगों और प्रवासियों पर पड़ सकता है।
ईरान को मिला नया सुप्रीम लीडर
अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अब उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बनाया गया है। 88 सदस्यों वाली असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने उनके नाम को फाइनल किया और 9 मार्च को सुबह टीवी और SMS के जरिए जनता को यह जानकारी दी गई। मोजतबा खामेनेई को एक कड़ा नेता माना जाता है और रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) पर उनकी अच्छी पकड़ है।
तेहरान में ज़हरीली काली बारिश का कहर
अमेरिका और इजरायल ने तेहरान और अल्बोरज़ क्षेत्र के चार प्रमुख तेल डिपो पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों से लगी भारी आग के कारण आसमान में जहरीला धुआं फैल गया है और इलाके में ‘काली एसिड की बारिश’ हो रही है। ईरानी रेड क्रिसेंट ने लोगों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है।
- इस बारिश में खतरनाक केमिकल हैं जिनसे स्किन जल सकती है और फेफड़े खराब हो सकते हैं।
- नागरिकों को घर के अंदर रहने और खिड़कियों को गीले कपड़े से सील करने को कहा गया है।
- घर के बाहर रखे वाहनों को प्रेशर वॉश करने की सलाह दी गई है ताकि ज़हरीले डस्ट से बचा जा सके।
खाड़ी देशों में गहराया जल संकट
इस युद्ध का सबसे खतरनाक पहलू पानी के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे हमले हैं। बहरीन के इंटीरियर मिनिस्ट्री ने बताया कि एक ईरानी ड्रोन ने उनके वाटर डिसेलिनेशन प्लांट को नुकसान पहुंचाया है। दूसरी तरफ ईरान का दावा है कि अमेरिका ने तेहरान के डिसेलिनेशन फैसिलिटी पर हमला किया है। खाड़ी देश पूरी तरह से समुद्र के पानी को साफ करने वाले प्लांट्स पर निर्भर हैं। इन हमलों से सऊदी, बहरीन और यूएई में रहने वाले लाखों प्रवासियों और स्थानीय लोगों के सामने भविष्य में पीने के पानी का संकट खड़ा होने का डर बन गया है। तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें भी 100 डॉलर के पार चली गई हैं जिससे आने वाले समय में महंगाई बढ़ने की आशंका है।





