GCC Secretary General: समुद्री रास्तों को कोई नहीं रोक सकता, सऊदी ने 30 से ज्यादा ड्रोन मार गिराए
खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जसिम मोहम्मद अल-बुदैवी ने कहा है कि दुनिया के किसी भी हिस्से में समुद्री रास्तों को रोकना अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है। उन्होंने साफ किया कि जलडमरूमध्य (Straits) में जहाजों की आवाजाही को कोई भी देश या पक्ष अपनी मर्जी से नहीं रोक सकता। इस बीच सऊदी अरब ने अपने पूर्वी प्रांत में हमला करने आ रहे 30 से ज्यादा ड्रोन को मार गिराया है। यह तनाव ईरान के साथ बढ़ते विवाद के बाद और गहरा गया है। क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर खाड़ी देश अब कड़े रुख अपना रहे हैं।
समुद्री रास्तों को लेकर क्या है नया विवाद?
GCC महासचिव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत किसी भी देश को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे रास्तों में जहाजों के आने-जाने पर रोक लगाने का हक नहीं है। वहां से गुजरने वाले जहाजों पर कोई ट्रांजिट फीस नहीं वसूली जा सकती क्योंकि यह नियमों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि ऐसे रास्तों को बंद करना पूरी दुनिया के व्यापार और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। खाड़ी देशों ने ईरान को पहले ही बता दिया है कि वे इस झगड़े में किसी का हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने परमाणु ठिकानों को निशाना न बनाने की अपील की है ताकि क्षेत्र में किसी भी बड़ी तबाही से बचा जा सके।
सऊदी अरब और ईरान के बीच ताज़ा हालात क्या हैं?
- सऊदी अरब ने 26 मार्च 2026 को अपने पूर्वी इलाके में घुस रहे 30 से ज्यादा ड्रोन को हवा में ही तबाह कर दिया है।
- GCC का आरोप है कि ईरान की ओर से होने वाले हमलों में होटल, दूतावास, पानी के स्टेशनों और एयरपोर्ट को निशाना बनाया जा रहा है।
- सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के उस फैसले का स्वागत किया है जिसमें इन हमलों की कड़ी निंदा की गई है।
- बहरीन ने सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पेश किया है ताकि समुद्री रास्तों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा सकें।
- सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में हाल ही में मिसाइल का मलबा गिरने से कुछ घरों को नुकसान पहुंचा है लेकिन कोई घायल नहीं हुआ।
- खाड़ी देशों ने इराक से भी मांग की है कि वह अपनी जमीन से होने वाले हमलों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।




