US Iran Tension: ईरान पर हमले की तैयारी में अमेरिका, पेंटागन भेज सकता है ज़मीनी सेना
पेंटागन ईरान के खिलाफ एक बड़े सैन्य अभियान की योजना बना रहा है जिसमें ज़मीनी सेना का इस्तेमाल भी शामिल हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और अमेरिका अपनी ‘नॉकआउट’ स्ट्राइक की तैयारी कर रहा है। व्हाइट हाउस ने चेतावनी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस खबर के बाद मिडिल ईस्ट में रहने वाले लोगों और खासतौर पर भारतीय प्रवासियों के बीच हलचल बढ़ गई है क्योंकि इससे तेल की कीमतों और सुरक्षा पर सीधा असर पड़ सकता है।
अमेरिका की क्या है नई सैन्य योजना?
पेंटागन कई तरह के कड़े सैन्य विकल्पों पर काम कर रहा है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अगर कूटनीति का रास्ता बंद होता है या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को बंद रखा जाता है, तो सेना एक्शन लेगी। इस योजना में सिर्फ हवाई हमले ही नहीं बल्कि ईरान के अंदर घुसकर ज़मीनी कार्रवाई करना भी शामिल है। इसका मुख्य उद्देश्य ईरान के यूरेनियम ठिकानों को अपने नियंत्रण में लेना है। वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय जल्द ही 3,000 एलीट सैनिकों को मिडिल ईस्ट भेजने की मंजूरी दे सकता है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी साफ कर दिया है कि वह ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला करने के लिए तैयार हैं।
ईरान और इजरायल के बीच ताजा हालात क्या हैं?
ईरान ने भी अमेरिका और इजरायल के किसी भी हमले का जवाब देने के लिए अपनी तैयारी तेज कर दी है। ईरान ने अपने अहम द्वीपों जैसे खारग द्वीप पर अतिरिक्त सैनिक और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिए हैं। वहीं दूसरी तरफ, इजरायल ने भी ईरान के अंदर अस्फहान जैसे इलाकों में अपने हमले बढ़ा दिए हैं। जानकारों का मानना है कि खाड़ी में रहने वाले भारतीयों के लिए यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है क्योंकि युद्ध की स्थिति में उड़ानों और व्यापार पर असर पड़ेगा।
| प्रमुख घटना | ताजा जानकारी |
|---|---|
| पेंटागन की योजना | ज़मीनी सेना और बड़े हवाई हमलों की तैयारी |
| सैनिकों की तैनाती | 3,000 एलीट सैनिकों को भेजने का प्रस्ताव |
| ईरान का कदम | खारग द्वीप पर नई सैन्य टुकड़ियां तैनात कीं |
| इजरायल की कार्रवाई | अस्फहान समेत कई ठिकानों पर हवाई हमले तेज |
| मुख्य विवाद | युरेनियम ठिकाने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता |
| ईरान की धमकी | बाब अल-मंडेब मोर्चा खोलने की चेतावनी दी |




