गुजरात के पेट्रोल पंपों पर पुलिस तैनात, ईरान की नाकेबंदी के बीच तेल की कमी की अफवाहों पर सरकार ने दी सफाई
गुजरात के कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर अचानक भारी भीड़ और अफरा-तफरी का माहौल देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर ईंधन खत्म होने की खबरों के बाद लोग बड़ी संख्या में अपनी गाड़ियों की टंकियां भरवाने पहुंच रहे हैं। स्थिति को संभालने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल को तैनात करना पड़ा है। राज्य सरकार और सरकारी तेल कंपनियों ने जनता को भरोसा दिया है कि राज्य में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
सरकार और तेल कंपनियों ने क्या कहा?
गुजरात के खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव Mona Khandhar ने स्पष्ट किया है कि पूरे राज्य में पेट्रोल और डीजल की कोई किल्लत नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर खरीदारी न करें। सरकार ने उन डीलरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है जो स्टॉक होने के बाद भी जानबूझकर पंप बंद रख रहे हैं।
- IOCL का बयान: Indian Oil Corporation (IOCL) के कार्यकारी निदेशक Sanjib Behera ने पुष्टि की है कि सभी डिपो और टर्मिनलों पर ईंधन का पूरा भंडार मौजूद है।
- उपमुख्यमंत्री का आश्वासन: गुजरात के उपमुख्यमंत्री Harsh Sanghavi ने बताया है कि मुख्यमंत्री Bhupendra Patel खुद स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
- डीलर्स एसोसिएशन: गुजरात पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने भी पुष्टि की है कि केवल अफवाहों की वजह से पंपों पर भीड़ बढ़ी है।
ईरान की नाकेबंदी और भारत पर असर
ईरान द्वारा Strait of Hormuz की नाकेबंदी की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की सप्लाई में दिक्कतें आई हैं। भारत अपनी जरूरत का काफी बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से मंगाता है। हालांकि, भारत सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए रूस और अन्य 40 छोटे उत्पादक देशों से तेल खरीदना शुरू कर दिया है। सरकार का कहना है कि घरेलू स्तर पर ईंधन की सप्लाई सामान्य बनी रहेगी।
| महत्वपूर्ण जानकारी | वर्तमान स्थिति | ||
|---|---|---|---|
| कच्चा तेल आयात | 40 अलग-अलग देशों से आपूर्ति जारी | एलपीजी (LPG) सप्लाई | घरेलू उत्पादन में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी |
| सुरक्षा व्यवस्था | गुजरात के पेट्रोल पंपों पर पुलिस तैनात | ||
| सरकारी आदेश | अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी |





