कतर और सऊदी के गैस प्लांट पर बड़े हमले, दुनिया भर में गहराया ऊर्जा संकट, बढ़ सकते हैं दाम
मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से दुनिया भर के ऊर्जा बाजार में भारी हड़कंप मच गया है। 18 और 19 मार्च 2026 को कतर और सऊदी अरब के प्रमुख गैस ठिकानों पर हुए हमलों ने सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ती जंग की वजह से गैस की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ उछाल देखा जा रहा है। इसका सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और ग्लोबल इकोनॉमी पर पड़ने की आशंका है।
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कतर और अन्य देशों में क्या हुआ और इसका क्या असर होगा?
ईरानी सेना ने कतर के Ras Laffan Industrial City को निशाना बनाया जिससे वहां के प्रोसेसिंग यूनिट में भीषण आग लग गई। कतर ने अपनी LNG पैदावार तुरंत रोक दी है जिससे दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत सप्लाई बाजार से बाहर हो गई है। सऊदी अरब के Yanbu रिफाइनरी और कुवैत के ठिकानों पर भी मिसाइल हमले हुए हैं। ओमान के पास स्थित Strait of Hormuz भी लगभग बंद है जिससे जहाजों की आवाजाही रुक गई है।
प्रमुख देशों और कंपनियों पर अब तक क्या असर पड़ा?
| देश या कंपनी | ताजा अपडेट |
|---|---|
| QatarEnergy | LNG उत्पादन पूरी तरह सस्पेंड किया गया |
| Saudi Aramco | Yanbu रिफाइनरी पर हमला और रियाद में मिसाइल रोकी गई |
| UAE | Habshan गैस और Bab फील्ड में काम बंद किया गया |
| Europe / Asia | गैस के दामों में 26 से 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज |
बड़े नेताओं और सुरक्षा संस्थाओं ने क्या चेतावनी दी?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि अगर कतर के ठिकानों पर फिर हमला हुआ तो साउथ पार्स गैस फील्ड को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा। GCC और यूरोपीय संघ ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकट लंबा खिंच सकता है जिससे दुनिया भर में मंदी आने का खतरा बढ़ गया है। खाड़ी में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए भी आने वाले दिन चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं क्योंकि पूरे क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है।




