खाड़ी देशों के तेल ठिकानों पर ईरान का हमला, फ्रांस के राष्ट्रपति ने जताई चिंता, कच्चे तेल के दाम 10 प्रतिशत बढ़े
मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ गए हैं और ईरान ने खाड़ी देशों के कई ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस घटना को खतरनाक बताया है और दोनों पक्षों से शांति की अपील की है। इन हमलों का सीधा असर दुनिया भर के तेल बाजार पर पड़ा है और कीमतों में अचानक उछाल आ गया है जिससे आने वाले समय में ईंधन की समस्या बढ़ सकती है।
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इन हमलों में कहां-कहां नुकसान हुआ?
- ईरान ने कतर के Ras Laffan Industrial City पर हमला किया है जहां दुनिया की सबसे बड़ी LNG रिफाइनरी है।
- सऊदी अरब ने रियाद की तरफ आती 4 बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच में ही नष्ट कर दिया है।
- सऊदी के पूर्वी हिस्से में एक गैस प्लांट पर ड्रोन हमले की कोशिश को भी नाकाम किया गया है।
- इन हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 10 प्रतिशत की तेजी आई है।
फ्रांस और कतर ने क्या कदम उठाए?
फ्रांस के राष्ट्रपति Macron ने कतर के अमीर और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump से फोन पर बात की है। उन्होंने मांग की है कि बिजली और पानी जैसे जरूरी ठिकानों पर हमले तुरंत रुकने चाहिए। कतर ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए ईरानी दूतावास से सैन्य स्टाफ को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का अल्टीमेटम दे दिया है। कतर ने इस मामले में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से भी दखल देने की मांग की है ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे और ऊर्जा सप्लाई पर असर न पड़े।




