ट्रंप की ईरान को ‘पत्थर युग’ में भेजने की धमकी, कुवैत में पानी के प्लांट पर हमला और अमेरिकी जेट गिरा
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब बहुत ही नाजुक मोड़ पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद सख्त बयान दिए हैं और उसे पत्थर युग में वापस भेजने की धमकी दी है। 5 अप्रैल 2026 को आई ताज़ा खबरों के अनुसार ट्रंप ने ईरान के बिजली घरों और पुलों को निशाना बनाने की बात कही है। इस बीच ज़मीन पर भी टकराव तेज हुआ है जहाँ ईरान ने अमेरिकी फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया है और पड़ोसी देश कुवैत में भी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचा है।
ट्रंप की धमकियां और अमेरिका में विरोध
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान के खिलाफ तीखी भाषा का इस्तेमाल किया है। उन्होंने साफ़ तौर पर कहा है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का रास्ता नहीं खोला गया तो ईरान को भारी कीमत चुकानी होगी। अमेरिका के कई बड़े नेताओं ने ट्रंप के इस रवैये की आलोचना की है और चेतावनी दी है कि इससे हालात बेकाबू हो सकते हैं। वाइट हाउस की ओर से यह भी कहा गया है कि अगर ईरान ने अपनी हार स्वीकार नहीं की तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
युद्ध के मैदान में क्या-क्या हुआ
पिछले 24 घंटों में युद्ध के मोर्चे से कई बड़ी खबरें सामने आई हैं जो इस प्रकार हैं:
- ईरान ने दावा किया है कि उसने एक अमेरिकी फाइटर जेट और एक A-10 विमान को मार गिराया है।
- कुवैत ने जानकारी दी है कि उसके एक पानी साफ करने वाले प्लांट और तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ है।
- डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि शुक्रवार से लापता एक घायल अमेरिकी सैनिक को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया है।
- अंतरराष्ट्रीय कानून के 100 से ज्यादा विशेषज्ञों ने कहा है कि नागरिक ठिकानों पर हमला करना युद्ध अपराध हो सकता है।
- ईरान ने अमेरिका के 48 घंटे के युद्धविराम के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और कहा है कि अभी कोई बातचीत नहीं चल रही है।
प्रवासियों और खाड़ी देशों पर इसका असर
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती इस तनातनी का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों पर पड़ सकता है। कुवैत में पानी के प्लांट और रिफाइनरी पर हुए हमलों ने सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह युद्ध और खिंचता है तो इससे तेल की कीमतों और विमान सेवाओं पर भी प्रभाव पड़ेगा। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने ट्रंप की धमकियों को मानवता के खिलाफ अपराध बताया है।




