Hormuz Strait Conflict: GCC कर रहा है युद्ध रोकने की कोशिश, अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की की घेराबंदी
Hormuz Strait में तनाव बहुत बढ़ गया है और अब यह दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है। अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी है, जिसके बाद ईरान ने भी कड़े जवाबी हमलों की चेतावनी दी है। इस बीच GCC देश इस युद्ध को शांति से और सही शर्तों पर खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि मामला और न बढ़े।
अमेरिका और ईरान के बीच अब क्या स्थिति है?
अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को ईरान से जुड़े समुद्री रास्तों की घेराबंदी शुरू की। यह कदम तब उठाया गया जब दोनों देशों के बीच बातचीत विफल हो गई। ईरान ने साफ कहा है कि वह इस पाबंदी को बर्दाश्त नहीं करेगा। IRGC ने चेतावनी दी कि अगर कोई सैन्य जहाज उनके करीब आया तो इसे ceasefire का उल्लंघन माना जाएगा। हालांकि, मानवीय मदद के सामान को जांच के बाद गुजरने की अनुमति दी गई है।
विवाद को सुलझाने के लिए कौन से देश क्या कर रहे हैं?
इस तनाव को कम करने के लिए कई देश अपनी भूमिका निभा रहे हैं। पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है। वहीं GCC देश कूटनीति के जरिए इस युद्ध को खत्म करना चाहते हैं। कतर ने साफ किया है कि वह इस युद्ध का हिस्सा नहीं है लेकिन वह शांति के लिए सभी बड़े देशों के संपर्क में है।
| संस्था/देश | भूमिका/कार्रवाई |
|---|---|
| GCC देश | शांति और कूटनीति के जरिए युद्ध खत्म करने की कोशिश |
| पाकिस्तान | अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता बनाना |
| UN सुरक्षा परिषद | चीन और रूस ने सुरक्षा प्रस्ताव को वीटो कर दिया |
| अमेरिका | ईरान के बंदरगाहों की naval blockade लागू की |
इस पूरे तनाव की शुरुआत कब और कैसे हुई?
इस तनाव की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई थी जब अमेरिका और इसराइल ने ईरान के ठिकानों पर हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की। 10 अप्रैल को एक अस्थायी ceasefire हुआ था, लेकिन समुद्री रास्तों पर ईरान द्वारा लगाए गए टैरिफ के कारण विवाद फिर बढ़ गया। ईरान का कहना है कि जब तक लेबनान में युद्ध नहीं रुकता, Strait of Hormuz पूरी तरह नहीं खुलेगा।




