भारत सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी खत्म, प्लास्टिक और दवाइयां हो सकती हैं सस्ती
भारत सरकार ने घरेलू उद्योगों को बड़ी राहत देते हुए चुनिंदा पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह से हटा दिया है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और सप्लाई में आ रही दिक्कतों को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने यह फैसला लिया है। यह छूट 1 अप्रैल 2026 से लागू हो गई है और 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसका मुख्य उद्देश्य देश में जरूरी सामानों की कीमतों को काबू में रखना और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती देना है।
किन-किन सामानों पर मिलेगी कस्टम ड्यूटी से छूट?
सरकार ने उन रसायनों और पेट्रोकेमिकल उत्पादों को इस लिस्ट में शामिल किया है जिनका इस्तेमाल फैक्ट्रियों में कच्चे माल के रूप में होता है। इससे प्लास्टिक, पैकेजिंग, कपड़ा और फार्मा जैसे क्षेत्रों को सीधा फायदा पहुंचेगा। छूट वाले मुख्य उत्पादों की जानकारी नीचे दी गई है:
| श्रेणी | प्रमुख उत्पाद |
|---|---|
| केमिकल्स | Anhydrous ammonia, Methanol, Toluene, Styrene, Vinyl chloride monomer |
| एसिड और इंटरमीडिएट | Monoethylene glycol (MEG), Phenol, Acetic acid, Purified terephthalic acid (PTA) |
| प्लास्टिक और पॉलिमर | Polyethylene, Polypropylene, Polystyrene, Polyvinyl chloride (PVC), PET chips |
| स्पेशियलिटी केमिकल्स | ABS, Polycarbonates, Epoxy resins, Polyurethanes, Formaldehyde derivatives |
आम आदमी और उद्योगों पर इसका क्या असर होगा?
सरकार के इस फैसले का सीधा असर बाजार और उत्पादन लागत पर पड़ेगा। पश्चिम एशिया के संघर्ष की वजह से जो सप्लाई रुकी थी, उसे अब इस छूट के जरिए बैलेंस करने की कोशिश की जा रही है।
- दवाइयों और प्लास्टिक उत्पादों की उत्पादन लागत कम होगी जिससे बाजार में कीमतें स्थिर रह सकती हैं।
- ऑटोमोबाइल और कपड़ा उद्योग में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की उपलब्धता अब आसान और सस्ती होगी।
- कंपनियों को ग्लोबल सप्लाई चेन में आ रही रुकावटों के बावजूद अपना उत्पादन जारी रखने में मदद मिलेगी।
- इसका फायदा उन आम ग्राहकों को भी मिल सकता है जो रोजमर्रा के इस्तेमाल के सामान खरीदते हैं।
यह एक अस्थाई राहत है जो केवल जून के अंत तक लागू रहेगी। वित्त मंत्रालय का मानना है कि इससे घरेलू मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बाहरी झटकों से बचाने में मदद मिलेगी और सप्लाई चेन में स्थिरता बनी रहेगी।




