UAE में फंसी भारतीय महिला लौटी अपने घर, 9000 दिरहम नहीं देने पर हो गई थी जेल
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शारजाह में वीज़ा अवधि खत्म होने के बाद फंसी एक भारतीय महिला को कानूनी मदद मिलने के बाद सुरक्षित भारत वापस भेज दिया गया है। केरल की रहने वाली 37 वर्षीय यह महिला पिछले दो साल से शारजाह में हाउसमेड के तौर पर काम कर रही थी। एजेंट द्वारा वीज़ा रिन्यूअल के लिए भारी भरकम रकम मांगे जाने के कारण वह अवैध रूप से रहने को मजबूर हो गई थी, जिसके बाद उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। अब कानूनी कार्यवाही पूरी होने के बाद वह अपने परिवार के पास लौट चुकी है।
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वीज़ा रिन्यूअल के लिए मांगे 2 लाख रुपये, फिर लगा Absconding का केस
यह महिला करीब दो साल पहले हाउसमेड वीज़ा पर शारजाह आई थी। जब उसका वीज़ा खत्म हुआ, तो उसके एजेंट और नियोक्ता ने रिन्यूअल के लिए कथित तौर पर 9,000 दिरहम (लगभग 2.05 लाख से 2.20 लाख रुपये) की मांग की। इतनी बड़ी रकम चुकाने में असमर्थ होने के कारण वह बिना वैध दस्तावेजों के ही काम करती रही। इसी बीच उसके स्पॉन्सर ने इमिग्रेशन अधिकारियों के पास ‘फरार’ (Absconding) होने की शिकायत दर्ज करा दी। महिला जब घर का सामान खरीदने सुपरमार्केट गई थी, तभी शारजाह पुलिस की विशेष टीम ने उसे हिरासत में ले लिया।
कैसे मिली रिहाई और क्या है नया जुर्माना नियम?
महिला की गिरफ्तारी के बाद उसके परिवार ने केरल के मनालुर से विधायक (MLA) मुरली पेरुनेल्ली से संपर्क किया। विधायक ने तुरंत UAE स्थित Yab Legal Services के सीईओ सलाम पाप्पिनिसेरी से मदद मांगी। लीगल टीम ने शारजाह पुलिस और इमिग्रेशन अधिकारियों के साथ समन्वय किया और केवल दो दिनों के भीतर एग्जिट परमिट (Outpass) हासिल कर लिया।
- वापसी: महिला 23-24 फरवरी, 2026 को Air India Express की फ्लाइट से अपने घर त्रिशूर (केरल) लौट आई है।
- नया नियम (2026): UAE में अब ओवरस्टे का जुर्माना सभी वीज़ा प्रकारों के लिए 50 दिरहम प्रतिदिन फिक्स कर दिया गया है।
- आउटपास खर्च: जो लोग 30 दिन से ज्यादा समय तक अवैध रूप से रह लेते हैं, उन्हें देश छोड़ने के लिए आउटपास की जरूरत होती है, जिसका खर्च करीब 250-300 दिरहम आता है।




