Indonesia GCI Visa: 34.8 मिलियन रुपिया देकर मिलेगा जीवन भर रहने का परमिट, 7 लोगों ने किया अब तक अप्लाई
इंडोनेशिया की सरकार ने विदेशी प्रतिभा और पुराने नागरिकों को वापस बुलाने के लिए एक खास तरह का वीज़ा शुरू किया है। इस नए प्रोग्राम का नाम ग्लोबल सिटीजनशिप ऑफ इंडोनेशिया (GCI) वीज़ा है। इसे आधिकारिक तौर पर 26 जनवरी 2026 को लॉन्च किया गया है। इस वीज़ा का मकसद दुनिया भर में बसे इंडोनेशियाई मूल के लोगों और एक्सपर्ट्स को देश में वापस लाना है ताकि वे वहां रह सकें और निवेश कर सकें।
वीज़ा की फीस और निवेश के नियम
इस वीज़ा को पाने के लिए सरकार ने कुछ आर्थिक शर्तें रखी हैं। इसकी ऑफिशियल फीस 34.8 मिलियन रुपिया (Rp 34.8 million) तय की गई है, जो अमेरिकी डॉलर में करीब 2,090 डॉलर के बराबर है। इसके अलावा आवेदन करने वालों को अपनी आर्थिक स्थिति भी साबित करनी होगी।
- आवेदक को कम से कम 5,000 डॉलर का निवेश करना होगा। यह पैसा इंडोनेशियाई बॉन्ड, शेयर बाजार या बैंक डिपॉजिट में रखा जा सकता है।
- अगर कोई प्रॉपर्टी के जरिए आवेदन करना चाहता है तो उसके पास 1 मिलियन डॉलर की प्रॉपर्टी होनी चाहिए।
- आवेदक को यह दिखाना होगा कि उसकी महीने की कमाई कम से कम 1,500 डॉलर है।
- अगर वीज़ा होल्डर अपना परमिट कैंसिल करके वापस जाना चाहता है, तो जमा की गई गारंटी राशि रिफंड कर दी जाएगी।
किन्हें मिलेगा मौका और अभी क्या है स्थिति
यह वीज़ा खास तौर पर उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है जो पहले इंडोनेशिया के नागरिक थे। इसके अलावा उनके बच्चे, इंडोनेशियाई नागरिकों से शादी करने वाले विदेशी और सरकार द्वारा बुलाए गए ग्लोबल एक्सपर्ट्स भी इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। इस वीज़ा पर लोगों को जीवन भर रहने का परमिट (ITAP) मिलता है, जिसे बार-बार रिन्यू नहीं करना पड़ता। हालांकि, इससे दोहरी नागरिकता या वोट देने का अधिकार नहीं मिलता है।
अभी तक इस योजना की शुरुआत धीमी रही है। 29-30 जनवरी 2026 तक केवल 7 लोगों ने ही इस वीज़ा के लिए सफलतापर्वक आवेदन किया है। वहां के प्रवासी संगठनों ने इसकी ऊंची फीस पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि यह आम लोगों की पहुंच से बाहर है। सरकार ने कहा है कि वे इन शुरुआती दिक्कतों पर नजर रख रहे हैं और प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर काम करेंगे।





