Iran News Update: मुस्लिम देशों की ज़मीन का इस्तेमाल कर रहे अमेरिका और इज़राइल, ईरानी विदेश मंत्री ने दी कड़ी चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने उन इस्लामी देशों के प्रति अपनी गहरी नाराज़गी व्यक्त की है जिनकी ज़मीन का इस्तेमाल अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमलों के लिए किया जा रहा है। उन्होंने साफ़ तौर पर कहा कि यह स्थिति क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक है और पड़ोसी देशों को अपनी ज़मीन का दुरुपयोग नहीं होने देना चाहिए। ईरान ने इस गंभीर मुद्दे पर रूस और यूरोपीय संघ के बड़े नेताओं से फोन पर बात की है।
किन बड़े नेताओं से हुई बातचीत और क्या रही मुख्य बातें?
ईरानी विदेश मंत्री ने 22 मार्च 2026 को यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख Kaja Kallas और रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov से अलग-अलग संपर्क किया। इस दौरान हुई बातचीत के मुख्य बिंदु कुछ इस प्रकार हैं:
- रूस का रुख: Sergey Lavrov ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हो रहे हमलों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया और इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा माना।
- यूरोपीय संघ की चिंता: Kaja Kallas ने तनाव को कम करने और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता बनाए रखने पर ज़ोर दिया।
- ईरान की मांग: Araghchi ने संयुक्त राष्ट्र (UN) और सुरक्षा परिषद से ईरानी परमाणु ठिकानों पर हो रहे हमलों के खिलाफ तुरंत और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
- सॉवरेनिटी: ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार है।
ईरान ने क्षेत्रीय देशों और अमेरिका को क्या चेतावनी दी?
ईरान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व ने हमलों के जवाब में कड़ी चेतावनियां जारी की हैं। ईरान ने साफ़ कर दिया है कि अगर उसके ऊर्जा ठिकानों को नुकसान पहुँचाया गया तो वह भी चुप नहीं बैठेगा। इस तनाव के बीच निम्नलिखित बयान सामने आए हैं:
| पद या संस्था | जारी की गई चेतावनी या बयान |
|---|---|
| Ghalibaf (संसद अध्यक्ष) | क्षेत्र के ऊर्जा और बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने की धमकी दी। |
| Khatam al-Anbiya हेडक्वार्टर | US बेस की मेज़बानी करने वाले देशों के पावर प्लांट भी अब ईरान के निशाने पर होंगे। |
| Masoud Pezeshkian (राष्ट्रपति) | Strait of Hormuz केवल उनके लिए खुला है जो ईरान की सीमा का सम्मान करते हैं। |
| Abbas Aliabadi (ऊर्जा मंत्री) | हमलों से ईरान के पानी और बिजली के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा है। |
ईरान की सेना ने अमेरिकी और इज़राइली ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले जारी रखे हैं। ईरानी रक्षा मुख्यालय ने चेतावनी दी है कि वे क्षेत्र में मौजूद सभी विदेशी ताकतों की गतिविधियों पर पैनी नज़र रख रहे हैं और किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार हैं।




